मौत को दावत दे रही हैं लखनऊ की सडक़ेंसडक़ बन कर खत्म होती नहीं है कि उखडऩा शुरू हो जाती है

कमीशनखोरी के कारण सडक़ों की हालत खराब

 

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
K1लखनऊ। अगर आप अपने परिवार के साथ लखनऊ की सडक़ों पर सफर कर रहे हैं तो सावधान हो जाइये। यहां की सडक़े कमीशनखोरी के जाल में फंसी हुई हैं। कब कौन सी सडक़ धंस जाएं और आपकी गाड़ी पलट जायें कहना मुश्किल है। जिन चमचमाती सडक़ों का बखान अफसर करते हैं वह कुछ महीनों में ही टूटने लगती हैं। पहली बारिश में लखनऊ की हाल ही बनी सडक़ ध्वस्त होने लगी है। बीती रात मौलवीगंज में एक परिवार इसी भ्रष्टï व्यवस्था का शिकार हो गया। पहले
से खड़ी कार पर मौरंग लदी ट्रक सडक़ धंसने से पलट गई। वो तो शुक्र है कि कार में बैठे लोग समय से निकल गए और कोई हताहत नहीं हुआ। कार पचक गई। लखनऊ के कई स्थानों पर यहीं हाल है। मौलवीगंज में हुई इस घटना से वहां के लोगों में बहुत रोष है। इन लोगों का कहना है कि बहुत पहले ही अफसरों को बताया गया था कि यहां की सडक़ बहुत खराब है। मगर किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसी का नतीजा यह है कि रात में यह सडक़ धस गयी और कार सडक़ में धंस गयी। मौलवीगंज के लोग अब इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। यह वाकया सिर्फ मौलवीगंज का नहीं है। लखनऊ के कई हिस्सों के सडक़ों के निर्माण में कमीशनखोरी के चलते दुर्घटना होने की संभावना बढ़ती जा रही है। यहीं नहीं शहर में कई स्थानों पर केबिल लाइन डालने का काम चल रहा है और इसके चलते बनी बनाई सडक़े भी न सिर्फ तोड़ी जा रहीं है बल्कि इसी हाल में छोड़ दी जा रही हैं, जिससे यह सडक़े फिर टूटने लगती है।

सीएम पहुंचे गवर्नर से मिलने

लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज अचानक राज्यपाल से मिलने उनके निवास पर पहुंच गये। इससे तरह-तरह की चर्चाए शुरू हो गयी। मुख्यमंत्री राजभवन क्यों पहुंचे हैं अभी यह बताने को कोई तैयार नहीं है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री एक बार फिर गर्वनर को मनाने की कोशिश करने गए हैं जिससे गर्वनर एमएलसी की सूची को अपनी हरी झंडी दे दें।
लम्बे समय से एमएलसी मनोनयन की सूची को महामहिम ने आपत्ति लगाकर रोक रखा है। यह सूची आपत्तियों के निराकरण के बाद एक बार राज्यपाल को भेजी गयी थी मगर राज्यपाल इससे संतुष्टï नहीं हुए। माना जा रहा कि राज्यपाल को इस सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देने के लिए सीएम खुद आज राजभवन गए। राज्यपाल भी कल मुख्यमंत्री को उनके जन्म दिन की शुभकामनाएं देने के लिए उनके निवास पर गये थे।

बाराबंकी पुलिस की मेहरबानी से

फर्जी राज्यमंत्री इकबाल को मिली जमानत

4पीएम ने पहले ही छापा था कि केस कमजोर करने के लिए बाराबंकी पुलिस ने लिए हैं 1 करोड़ रुपये

लखनऊ। खुले आम बाराबंकी के टोल टैक्स पर फायरिंग करने के आरोपी इकबाल को सिर्फ 15 दिन में ही जमानत मिल गयी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद की कृपा इस फर्जी राज्यमंत्री पर पहले दिन से ही बनी हुई थी। वह इकबाल को गिरफ्तार भी नहीं करना चाहते थे मगर जब सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि दो दिन में इकबाल गिरफ्तार नहीं हुआ तो वह उन्हें सस्पेंड कर देंगे। तब आनन-फानन में इकबाल की गिरफ्तारी की गयी। गिरफ्तारी के समय ही इकबाल को भरोसा दिला दिया था कि उसके खिलाफ केस हल्का कर दिया जायेगा, जिससे उसे कोई परेशानी न हो और ऐसा ही किया भी गया।
खुद को राज्यमंत्री होने का दावा करने वाला इकबाल पहले भी अवैध हथियार रखने के जुर्म में जेल जा चुका है। अपने पैसे के दम पर वह कई नौकरशाहों को अय्याशी करा चुका है। एक नाई के जरिये सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव तक अपनी पहुंच बनाकर उसने कुछ समय के लिए राज्यमंत्री का दर्जा हासिल कर लिया था। मगर जब उसके कैरियर मेडिकल कालेज में एक छात्रा ने आत्महत्या की और उसके द्वारा छोड़े गये नोट और कॉल डिटेल से इस मामले में इकबाल और उसके एक रिश्तेदार का हाथ सामने आने लगा तो इकबाल को राज्यमंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। मगर इकबाल खुद को हमेशा राज्यमंत्री बताकर ही लोगों पर रौब झाड़ता रहा।
पिछले दिनों इसी रौब के चलते इकबाल ने अपने साथियों के साथ बाराबंकी के टोल टैक्स पर फायरिंग कर दी थी। बाराबंकी पुलिस इस मामले को रफा-दफा करना चाहती थी मगर जब मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो उन्होंने कड़े तेवर दिखाए। मजबूरी में बाराबंकी पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया मगर केस में पैरवी बहुत कमजोर ढंग से की जिससे इकबाल को जमानत मिल गयी।

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