‘मोदी’ ही होंगे यूपी विस चुनाव का चेहरा

भाजपा के यूपी मिशन-2017 का आगाज, कानपुर से फूंका चुनाव की तैयारियों का बिगुल

नरेंद्र मोदी की विचारधारा और अमित शाह की संगठनात्मक क्षमता के दम पर यूपी में पांव जमाएगी भाजपा

 Captureमुजाहिद जैदी
लखनऊ। भाजपा ने 11 जुलाई को कानपुर में हुए पार्टी के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक में साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधान सभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ही चेहरा होंगे। सीएम पद के लिए कोई चेहरा आगे नहीं किया गया है लेकिन ‘यूपी मिशन 2017’ का आगाज कर दिया। महासंपर्क अभियान की बैठक में स्पष्ट किया गया कि विस चुनाव में नरेंद्र मोदी ही चेहरा होंगे।
भाजपा 2017 की चुनावी तैयारियों में लग गई है। भाजपा ने राष्टï्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में कानपुर से चुनाव तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। अमित शाह की अध्यक्षता में हुई महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा है। उनकी विचारधारा और राष्टï्रीय अध्यक्ष की संगठनात्मक क्षमता के दम पर यूपी का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम देखते हुए भाजपा यूपी में भी मोदी के भरोसे चुनाव लड़ेगी। लोकसभा से लेकर जम्मू कश्मीर, महाराष्टï्र , झारखंड चुनाव में भी पार्टी का चेहरा मोदी ही थे। दिल्ली चुनाव में पार्टी ने आनन-फानन में किरन मोदी को मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया। परिणाम सबके सामने है। भाजपा हाईकमान अब यह गलती दोबारा नहीं करना चाहती। इसलिए बिहार चुनाव में भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार कोई नहीं है। नरेन्द्र मोदी के भरोसे ही बिहार में चुनाव लड़ा जा रहा है। यूपी में भी पार्टी मोदी के ही भरोसे चुनाव लड़ेगी। अमित शाह ने यह साफ कर दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि यहां जितने भी सांसद बैठे हैं, सभी इससे पहले के हारे हुए हैं। 2014 लोकसभा चुनाव जीते हैं तो मोदी की छवि के कारण। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में रहना है तो पंचायत चुनाव में दल, बल और बाहुबल, सब लेकर मैदान में कूद पड़ो, कुछ भी करो, लेकिन चुनाव में जीत लाकर दिखाओ वरना भुगतने को तैयार रहो। उन्होंने कहा कि अगर यूपी में भाजपा का परचम लहराना है तो सभी लोग दिनरात एक करके लोगों से सम्पर्क करें। जन जन से सम्पर्क कर उनकों केंद्र सरकार की योजनाओं और सफलताओं की जानकारी दें, जिससे लोग पार्टी से जुड़ेें और 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बहुमत दिलायें।

मुजाहिद जैदी
लखनऊ। भाजपा ने 11 जुलाई को कानपुर में हुए पार्टी के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक में साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधान सभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी ही चेहरा होंगे। सीएम पद के लिए कोई चेहरा आगे नहीं किया गया है लेकिन ‘यूपी मिशन 2017’ का आगाज कर दिया। महासंपर्क अभियान की बैठक में स्पष्ट किया गया कि विस चुनाव में नरेंद्र मोदी ही चेहरा होंगे।
भाजपा 2017 की चुनावी तैयारियों में लग गई है। भाजपा ने राष्टï्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अगुवाई में कानपुर से चुनाव तैयारियों का बिगुल फूंक दिया है। अमित शाह की अध्यक्षता में हुई महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा है। उनकी विचारधारा और राष्टï्रीय अध्यक्ष की संगठनात्मक क्षमता के दम पर यूपी का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिणाम देखते हुए भाजपा यूपी में भी मोदी के भरोसे चुनाव लड़ेगी। लोकसभा से लेकर जम्मू कश्मीर, महाराष्टï्र , झारखंड चुनाव में भी पार्टी का चेहरा मोदी ही थे। दिल्ली चुनाव में पार्टी ने आनन-फानन में किरन मोदी को मुख्यमंत्री का चेहरा बना दिया। परिणाम सबके सामने है। भाजपा हाईकमान अब यह गलती दोबारा नहीं करना चाहती। इसलिए बिहार चुनाव में भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार कोई नहीं है। नरेन्द्र मोदी के भरोसे ही बिहार में चुनाव लड़ा जा रहा है। यूपी में भी पार्टी मोदी के ही भरोसे चुनाव लड़ेगी। अमित शाह ने यह साफ कर दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के महासंपर्क अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि यहां जितने भी सांसद बैठे हैं, सभी इससे पहले के हारे हुए हैं। 2014 लोकसभा चुनाव जीते हैं तो मोदी की छवि के कारण। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड लिस्ट में रहना है तो पंचायत चुनाव में दल, बल और बाहुबल, सब लेकर मैदान में कूद पड़ो, कुछ भी करो, लेकिन चुनाव में जीत लाकर दिखाओ वरना भुगतने को तैयार रहो। उन्होंने कहा कि अगर यूपी में भाजपा का परचम लहराना है तो सभी लोग दिनरात एक करके लोगों से सम्पर्क करें। जन जन से सम्पर्क कर उनकों केंद्र सरकार की योजनाओं और सफलताओं की जानकारी दें, जिससे लोग पार्टी से जुड़ेें और 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को बहुमत दिलायें।

दिल्ली के चुनाव ने भाजपा कार्यकर्ताओं को खास निराश किया था, क्योंकि लोकसभा चुनाव का खुमार और ओवर कॉंफिडेंट की वजह से उनको करारी हार मिली। जानकार मानते हैं की भाजपा अब अपने हर चुनाव को बहुत तवज्जो के साथ लेगी क्योंकि दिल्ली चुनाव हारने की वजह जो भी हो लेकिन अब वो गलती भाजपा दुबारा नहीं करना चाहती है। इसलिए भाजपा ने ये फैसला लिया है कि यूपी के मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा आगे नहीं किया जाएगा।

जनता तक पहुंचाएं केंद्र सरकार की उपलब्धियां

अमित शाह ने बैठक में उपस्थित लोगों से कड़ाई के साथ कहा कि केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं, ताकि यूपी फतह की भूमिका अभी से तैयार की जा सके। भाजपा ने विधानसभा की 250 सीटों को जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। समीक्षा के बाद ही राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राष्टï्रीय मीडिया प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने यूपी मिशन को लेकर भाजपा की मंशा साफ कर दी।

ये उनकी पार्टी का फैसला है। उनके पास यूपी में प्रजेन्ट करने के लिये कोई चेहरा नहीं है इसलिए वह मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे जबकि हमारे पास विकास का चेहरा है। हम उसी चेहरे के साथ चुनाव लड़ेंगे।
धर्मेन्द्र यादव ( सपा सांसद )
अगर चेहरे की बात करें तो बीजेपी दिल्ली के चुनाव में मुह की खा चुकी है। एक साल में मोदी सरकार ने कोई भी ढंग का काम नहीं किया। भ्रष्टïाचार की बात करें तो मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री उसमें लिप्त हैं। बिहार का चुनाव बता देगा की मोदी का चेहरा अब किसी काम का नहीं है।
अशोक सिंह (प्रवक्ता कांग्रेस )

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