मोदी सरकार की अब तक की सबसे बड़ी किरकिरी, हरीश रावत ने सिद्ध किया बहुमत

  • भाजपा नेताओं की सारी रणनीति हो गई फेल
  • विपक्ष ने की आलोचना कहा लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं मोदी
  • कांग्रेस ने कहा धनपशु गिराना चाहते थे चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार
  • भाजपा को 28 और हरीश रावत को 34 मत मिलने की चर्चा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

10 may page 11लखनऊ। पिछले एक महीने से उत्तराखंड की राजनीति में चल रही उठापटक के बीच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आज उत्तराखंड में फ्लोर टेस्ट कराया गया, जिसमें हरीश रावत को निर्धारित बहुमत से तीन वोट अधिक मिले। जिस तरह से उत्तराखंड में चुनी हुई सरकार को गिराने की कोशिशें हुई, उससे मोदी सरकार की देश भर में भारी फजीहत हुई है। अरुणाचल के बाद उत्तराखंड में भी राष्टï्रपति शासन के बहाने सत्ता हथियाने की कोशिशों के आरोप के बाद मोदी सरकार बैकफुट पर आ गई है। मोदी सरकार के दिल्ली में बैठे रणनीतिकार अब यह समझ नहीं पा रहे कि आखिर उन्होंने उत्तराखंड के प्रभारी और बाकी नेताओं की बातों पर भरोसा करके ऐसा कदम क्यों उठाया? जिसके उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़े। उत्तराखंड की विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के लिए भारी सुरक्षा बल के इंतजाम किए गए थे। आज के नतीजे लिफाफे में बंद कर दिए गए और कल सुप्रीम कोर्ट के सामने खोले जाएंगे, मगर सदन से बाहर आए भाजपा विधायकों ने अपनी पराजय स्वीकार कर ली। उत्तराखंड के आज के नतीजे कुछ महीनों बाद ही यूपी और उत्तराखंड के चुनाव पर भी भारी असर डालेंगे और भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
देहरादून में घोड़े शक्तिमान को घायल करने और उसके बाद भाजपा विधायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद हुआ राजनैतिक संघर्ष इस मुकाम तक पहुंच गया कि उत्तराखंड में राष्टï्रपति शासन लगाना पड़ गया। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को कैलाश विजय वर्गीय और कुछ भाजपा के स्थानीय नेताओं ने भरोसा दिला दिया कि कांग्रेस में बगावत हो जाएगी और भाजपा की सरकार बन जाएगी। कांग्रेस के नौ विधायकों को सपने दिखाए गए और कांग्रेस खेमे में बगावत कराई गई। राज्यपाल ने सीएम हरीश रावत को बहुमत सिद्ध करने को कहा और वह बहुमत साबित कर पाते उससे पहले ही आनन-फानन में राष्टï्रपति शासन लगा दिया गया।
भाजपा के रणनीतिकारों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में भी उन्हें इतनी भारी फजीहत का सामना करना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आज हुए फ्लोर टेस्ट में बड़ी आसानी से हरीश रावत ने बहुमत हासिल कर लिया। भाजपा के रणनीतिकारों के इस फैसले से चेहरे उतर गए हैं।

बागी विधायक हताश और परेशान
उत्तराखंड के जिस पूर्व सीएम विजय बहुगुणा पर भाजपा केदारनाथ आपदा के समय करोड़ो रुपए हड़पने का आरोप लगाती थी, वही बहुगुणा अब भाजपा के पाले में खड़े हुए हैं। उनके साथ कांग्रेस के नौ विधायक समझ ही नहीं पा रहे हैं कि अब उनका भविष्य क्या होगा। दो दिन पहले ही हरीश रावत विजय बहुगुणा और उनके बेटे साकेत बहुगुणा के कारनामों को लेकर प्रेस कांफे्रंस कर चुके हैं। अब यह बागी इस बात से डरे हुए हैं कि सरकार बनने के बाद कहीं हरीश रावत उनके घोटाले की जांच फिर से न शुरू करा दें।
माया ने दिए भविष्य की राजनीति के संकेत
अंतिम समय में मायावती ने कांग्रेस का साथ देकर भविष्य की राजनीति के संकेत दे दिए हैं। भाजपा हरिद्वार जिला पंचायत सीट को लेकर बसपा पर डोरे डाल रही थी, मगर मतदान से एक घंटे पहले ही मायावती ने कह दिया कि वह साम्प्रदायिक ताकतों को रोकना चाहती हैं। इसलिए उनके विधायक कांग्रेस को वोट करेंगे। माया के इस फैसले से इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या कुछ महीने बाद यूपी और उत्तराखंड में होने वाले चुनाव में भी बसपा और कांग्रेस का कोई गठबंधन बन सकता है।

मोदी सरकार अब बाज आए : अरविंद केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज उत्तराखंड के फ्लोर टेस्ट के नतीजे के बाद ट्वीट करके कहा है कि आज फ्लोर टेस्ट के नतीजे मोदी सरकार की कार्यशैली का जवाब है। उन्होंने लिखा कि वह आशा करते हैं कि भविष्य में मोदी सरकार चुनी हुई सरकारों को गिराने से बाज आएगी। सीएम केजरीवाल पिछले कई दिनों से पीएम मोदी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने पीएम मोदी की डिग्री को लेकर पूरे देश में पहले ही हंगामा खड़ा कर रखा था, अब उत्तराखंड के रिजल्ट को लेकर भी उनकी पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुट गई है।

Pin It