मोदी सरकार का ‘स्टैंड अप इंडिया’ चुनावी ड्रामेबाजी: मायावती

दलित व आदिवासियों की चिंता है तो आरक्षित रिक्त पद भरे केंद्र सरकार

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कल शुरू की गयी ‘स्टैण्ड अप इण्डिया’ योजना को यूपी विधानसभा चुनाव से पहले इसे ’चुनावी ड्रामेबाजी’ बताया है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें दलितों, आदिवासियों को अपने पांव पर खड़ा करने की इतनी ही चिन्ता है तो उन्हें सबसे पहले सरकारी नौकरियों में आरक्षित खाली पड़े हजारों पदों को भरना चाहिये। उन्हें केन्द्र सरकार के अन्तर्गत विभिन्न सरकारी मंत्रालयों में ठेका इन वर्गों के लोगों के लिये भी आरक्षित कर देना चाहिये, जैसा कि उत्तर प्रदेश में बी.एस.पी. की सरकार ने किया।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने यह बातें प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार अपनी संकीर्ण, जातिवाद व कट्टरवादी रवैये के साथ ही साथ अपनी गलत नीति व कार्य-प्रणाली के कारण लोगों का विश्वास खोती जा रही है, जिस कारण लोगों का ध्यान बांटने के लिये अब उसे नये-नये शिगूफे व नई-नई पैंतरेबाजी करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जनहित व जनकल्याण को त्याग कर भावनात्मक व धार्मिक गैर-जरूरी मुद्ïदों की आड़ में लोगों को गुमराह कर उनका ध्यान बांटने का प्रयास किया जा रहा है। अब भाजपा व मोदी सरकार का पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश विधानसभा आम चुनाव पर केन्द्रित हो गया है, जिस कारण ही नई-नई चुनावी ड्रामेबाज़ी का दौर शुरू हो गया है। इसीक्रम में ‘स्टार्ट अप इण्डिया व स्टैण्ड अप इण्डिया’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को वरगलाने का प्रयास किया जा रहा है।
मायावती ने कहा कि दलितों, आदिवासियों आदि को सरकारी स्तर पर तत्काल लाभ पहुंचाकर आने वाली पीढ़ी को थोड़ा बेहतर बनाने की आवश्यकता है। इसी सोच के तहत उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार ने सरकारी स्तर पर ठेके दलितों व आदिवासियों को भी देने का काम किया। अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की नीयत साफ है तो उन्हें इसी प्रकार की नीति भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में तत्काल लागू करनेे की नीति अपनानी चाहिये, तभी उनका ‘स्टैण्ड अप इण्डिया कार्यक्रम’ शायद ज्यादा ठीक ढंग से काम कर पायेगी।

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