मोदी जी आपके सांसद भी हो रहे हैं विद्रोही रेल स्टेशन की मांग को लेकर रोकेंगे ट्रेन

गणेश जी वर्मा
Captureखनऊ। सपा, बसपा और कांगे्रस पर समय-समय पर आरोप लगाने वाली भारतीय जनता पार्टी के सांसद व कार्यकर्ता रेल स्टेशन की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करने जा रहे है। यह प्रदर्शन कहीं न कहीं अपने ही सरकार के खिलाफ है। केन्द्र में भाजपा की सरकार है और रेलवे मंत्रालय केन्द्र के अधीन। जाहिर है रेलवे स्टेशन का दर्जा रेल मंत्रालय ही देगा। फिर ऐसा क्या है कि भाजपा सांसद की केन्द्र सरकार नहीं सुन रहा है और उन्हें चक्का जाम व धरना करने की जरूरत पड़ रही है।
राजधानी में इटौंजा को पहले रेलवे स्टेशन घोषित किया गया था लेकिन बाद में इटौंजा को रेलवे स्टेशन के दर्जा से हटा दिया गया। जहां इसे लेकर किसी और पार्टी के नहीं बल्कि बीजेपी के ही सांसद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता रेल का चक्का रोकने और धरना-प्रदर्शन करने जा रहे है। यह धरना प्रदर्शन 20 जुलाई को इटौंजा रेलवे स्टेशन पर आयोजित की गई है। भाजपाइयों की मांग है कि इटौंजा को रेलवे स्टेशन का दर्जा दिया जाना चाहिये। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या केंद्र में बीजेपी की सरकार है कि नहीं? यदि सरकार है तो किसी अन्य पार्टी के इशारे पर चल रही है या फिर अपने इशारे पर। विपक्षी पार्टियां भी इसे राजनीतिक हथकंडा मान रही है। केंद्र में भाजपा की सरकार है और रेलवे विभाग केंद्र के अधीन है। राज्य रेल राज्य मंत्री से लेेकर केन्द्रीय रेल मंत्री सभी भाजपा के ही है। ऐसे में धरना की जरुरत क्यों पड़ रही है?
यहां यह भी सवाल उठता है कि केंद्र सरकार इटौंजा का रेलवे स्टेशन का दर्जा नहीं देना चाहती है तो क्या पार्टी के सांसद और पदाधिकारी जबरदस्ती चक्का जाम कर और धरना-प्रदर्शन कर रेलवे स्टेशन का दर्जा दिलायेंगे। ऐसे में पार्टी के पदाधिकारी जिस अनुशासन की बात करते है उसका क्या होगा।
भाजपा के कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर कोई संशय नहीं कि यह धरना पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है। उनका तर्क है कि यह जनता की समस्या से जुड़ा मामला है। इसलिए जनता को समस्याओं से निजात दिलाना प्राथमिकता है। धरना और चक्का जाम करने में जिस बैनर का प्रयोग किया जा रहा है उसमें मुख्य अतिथि के रूप में मोहनलालगंज सांसद कौशल किशोर, जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव, प्रदेश परिषद सदस्य व विधानसभा प्रभारी बीकेटी दिवाकर सिंह चौहान, मंडल अध्यक्ष बीकेटी अतुल मिश्रा, मंडल अध्यक्ष इटौंजा बृजेंद्र पांडेय शामिल है।
इस संबंध में मोहनलाल गंज सांसद कौशल किशोर ने कहा कि धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किसी सरकार के खिलाफ नहीं है। यह धरना रेलवे के भ्रष्टï अधिकारियों के खिलाफ है, जो गलत रिपोर्ट रेल मंत्रालय को प्रेषित कर रहे है, जिसके कारण इंटौजा को रेलवे स्टेशन का दर्जा नहीं मिल रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि सिधौली के बाद सबसे ज्यादा यात्रियों की संख्या इंटौजा क्षेत्र की है। इसलिए स्टेशन जरूरी है।

Pin It