मोदी का डिजिटल इंडिया

2012 की तुलना में भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है लेकिन भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह आंकड़ा अभी काफी कम है। इंटरनेट की पहुंच में सबसे बड़ी बाधा है इसकी लागत और बुनियादी सुविधाएं।

sanjay sharma editor5प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल इंडिया नाम से एक और महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने आम लोगों की रोजमर्रा की दुश्वारियां दूर करने का नया सपना दिखाया है। डिजिटल इंडिया अभियान के जरिए देश भर में इंटरनेट का विस्तार होगा। इसमें पहली जरूरत है कि लोगों को इस अभियान के बारे में जागरूक किया जाए। भारत में इंटरनेट का प्रयोग करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है लेकिन इसकी आबादी को देखते हुए यह आंकड़ा बहुत ज्यादा नहीं है। यहां तेजी से ऐसा वर्ग तैयार हो रहा है जो इंटरनेट की सुविधाओं का प्रयोग तो करना चाहता है लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव और महंगाई के कारण ऐसा नहीं कर पा रहा है। भारत सरकार और निजी कंपनियां भी चाहती हैं कि इंटरनेट की पहुंच सभी तक हो लेकिन ऐसा करने की राह में कई रोड़े हैं।
डिजिटल इंडिया अभियान को इस जरूरत को सही तरह से पूरा करना चाहिए और इस क्रम में ज्यादा जोर डिजिटल सेवाओं की गुणवत्ता पर देना चाहिए। अब यह सर्वज्ञात तथ्य है कि आज के युग में सूचना और संचार के जरिये हर स्तर पर कहीं अधिक तत्परता और पारदर्शिता से काम किया जा सकता है। जैसे इंटरनेट की अहमियत स्वयंसिद्ध है वैसे ही यह भी स्पष्ट है कि मोबाइल फोन ने हर हाथ को एक नई ताकत प्रदान कर दी है। देश में इंटरनेट के प्रसार के साथ ही तेजी से मोबाइल सेवाओं तक भी लोगों की पहुंच बढ़ रही है, लेकिन यह भी एक हकीकत है कि
अभी करोड़ों लोग ऐसे हैं जो इंटरनेट की पहुंच से दूर हैं और मोबाइल फोन से भी वंचित हैं। 2012 की तुलना में भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है लेकिन भारत की जनसंख्या को देखते हुए यह आंकड़ा अभी काफी कम है। इंटरनेट की पहुंच में सबसे बड़ी बाधा है इसकी लागत और बुनियादी सुविधाएं। चूंकि अभी देश के तमाम ग्रामीण इलाके संचार तकनीक की सुविधाओं से वंचित हैं और जहां यह तकनीक है वहां भी गुणवत्ता के सवाल उठते रहते हैं इसलिए सरकार के सामने अनेक चुनौतियां भी हैं। केंद्र सरकार ने स्कूलों, बैंकों, अस्पतालों के साथ-साथ सभी सरकारी विभागों को इस अभियान का हिस्सा बनाने की पहल की है, लेकिन यह इसलिए आसान कार्य नहीं, क्योंकि इन सबके लिए जो तमाम ढांचागत बुनियादी सुविधाएं चाहिए उनका अभाव दिख रहा है।
अभाव के बावजूद अच्छी बात यह है कि उद्योग जगत इस अभियान में बढ़-चढक़र हिस्सा लेने के लिए तैयार है। उद्योग जगत की भागीदारी डिजिटल अभियान को गति देने के साथ ही रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाने में सहायक होगी।

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