‘मोको कहां ढंूढे रे बंदे’ ने दर्शकों को किया भावविभोर

capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में यायावर रंगमंडल ने नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की। मोको कहां ढंूढे रे बंदे नाटिका की प्रस्तुति कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में की गई। प्रस्तुति को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
नाटक में अवनी और रवीन्द्र के अटूट प्रेम की कहानी को दर्शाया गया। अवनी की असमय मृत्यु हो जाने के कारण रवीन्द्र टूट जाता है। रवीन्द्र अकेलेपन के अंधेरे में डूब जाता है। रवीन्द्र के मित्र और अन्तर्मन की पुकार उसे सकारात्मक दिशा की ओर ले जाने का प्रयास करते हैं पर असफल हो जाते हैं। एक दिन काले बादलों को चीरती हुई अवनी चुपके से रवीन्द्र के सपनों में आकर उसको एक ऐसी प्यार भरी दुनिया में ले जाती है जहां खुशी, रंग, उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा होती हैं। अब रवीन्द्र को सकारात्मक जीवन का अहसास होता है। इस नाटिका से संदेश दिया गया है कि प्रेम हमें एक अच्छा इंसान बनने की प्रेरणा देता है। इस कहानी को बेहद खूबसूरती से छवि मिश्र ने गढ़ा है। निर्देशन पुनीत मित्तल ने किया है। नाटक में छवि मिश्र, रवीद्र के रूप में पुनीत मित्तल, अवनी के रूप में शुचि विश्वास के साथ अनूप, मनोज, संजीव, संजय, विजय ने अपने दमदार अभिनय से सभी का दिल जीत लिया।

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