मैनपॉवर की कमी से जूझ रहा डफरिन अस्पताल

सौ साल पुराने अस्पताल में मात्र एक रेडियोलॉजिस्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर के सबसे बड़े बाल महिला चिकित्सालयों में शुमार डफरिन अस्पताल मैनपॉवर की कमी से जूझ रहा है। करीब सौ साल पुराने अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है। यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ के कुल 16 पद हैं जबकि तैनाती केवल 12 की है। इसमें से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लुनवा सिदï्दीकी किसी ट्रेनिंग के कारण छुट्टïी पर हैं । जिससे आये दिन मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके आलावा अस्पताल में मात्र एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात है, हैरत की बात यह हे कि अस्पताल में पद भी एक ही रेडियोलॉजिस्ट का है।
अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, डिजिटल एक्सरे की जिम्मेदारी उसी पर है। जब रेडियोलॉजिस्ट छुट्टïी पर चला जाता है तो बलरामपुर से दूसरे व्यक्ति को बुलाना पड़ता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जांचों के लिए मरीजों की कितनी लंबी लाइन लगती होगी। जबकि अस्पताल में करोड़ों रूपये की डिजिटल एक्सरे मशीन लगाई गई है लेकिन जब मरीजों को इसका लाभ न मिले तो ऐसी सुविधा का कोई मतलब नहीं। क्योंकि मरीजों की भीड़ लंबी हो जाती है। जबकि एक ही व्यक्ति पर अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्सरे की पूरी जिम्मेदारी है। ऐसे में तमाम मरीजों को जांच के लिए अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मरीज प्रॉइवेट सेंटरों की ओर आकर्षित होते हैं। इसके आलावा एक ही पैथालॉजिस्ट तैनात है जबकि पद 2 हैं। करीब 226 बेड के इस अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी है। अस्पताल की सीएमएस डॉ. मंजुल बहार इस बात को लेकर हैरान हैं कि शहर के सबसे बड़े महिला चिकित्सालय में मात्र 16 स्त्री रोग विशेषज्ञों के पद सृजित हैं जबकि इतने बड़े अस्पताल में कम से कम 25 स्त्री रोग विशेषज्ञ होने चाहिये। लेकिन जो 16 पद सृजित हैं उसमें भी पूरे नहीं हैं। ऐसे में मरीजों की लंबी भीड़ कैसे मैनेज हो पायेगी, यह सोचने का विषय है।

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