मैं तो बस पत्नी हूं उनकी…

मीनाक्षी ने किया श्याम बहार कम्पनी के मालिक संजीव की पत्नी होने का दावा

-4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। फिल्म सौतन की बेटी का यह गीत कि मैं तो बस पत्नी हूं उनकी, तू साजन का प्यार है…पूरी तरह से सटीक बैठ रही है मीनाक्षी मिश्रा पर। विगत दिनों एक होटल में पे्रसवार्ता कर मीनाक्षी मिश्रा ने जहां स्वयं को श्याम बहार गुटखा कम्पनी के मालिक स्व. संजीव मिश्रा की पत्नी बताया वहीं पत्नी होने का दावा भी कागजातों के जरिये मीडिया के सामने पेश किया। इतना ही नहीं जहां संजीव की मौत को लेकर परिजनों पर हत्या का आरोप लगाया वहीं अवैध रूप से अपने परिजनों पर गुटखा कम्पनी चलाने की बात भी कही। फिलहाल हकीकत क्या है यह तो जांच में पता चलेगा लेकिन मीनाक्षी ने साफ तौर पर पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस मिली हुई है। तत्कालीन एसएसपी प्रवीण कुमार ने इस मामले में जांच के आदेश वजीरगंज कोतवाली को दिये थे लेकिन उनके स्थानान्तरण के बाद ही फाइल को दबा दिया गया।
बता दें कि वजीरगंज कोतवाली क्षेत्र के कुंडरी रकाबगंज निवासी संजीव मिश्रा श्याम बहार गुटखा कम्पनी के मालिक थे। व्यवसाय की दुनिया में अपना नाम कमाने वाले संजीव मिश्रा मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। विगत दिनों एक होटल में पे्रसवार्ता कर संजीव की मां ने पत्रकारों को बताया था कि वह अविवाहित थे। जबकि छोटे भाई राहुल मिश्रा की शादी संगीता मिश्रा से हुई थी। मालती मिश्रा के मुताबिक संजीव का कई बार विवाह करने का प्रयास किया गया लेकिन उसने मना कर दिया था। संजीव की मां के मुताबिक 11 फरवरी 2014 को संजीव की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। संजीव का शव उसके बेडरूम में पड़ा मिला था। शरीर में दो गोलियां लगी हुई थी। पुलिस ने मामले की जांच की लेकिन अभी तक वह हत्या और आत्महत्या के बीच उलझी पड़ी हुई है। संजीव की मौत का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि तब तक उसकी पत्नी बनकर सम्पत्तियों को बेचने का मामला प्रकाश में आया। जबकि संजीव अविवाहित था। संजीव की मां और छोटे भाई राहुल के मुताबिक चार महिलाएं संजीव की पत्नी होने का दावा कर रही हैं। जिसमें घर में खाना बनाने वाली नौकरानी मीनाक्षी, लक्ष्मी, पूनम और पिंकी है। राहुल ने कहा कि सभी औरतें जहां पत्नी होने का दावा कर रही हैं वहीं सभी अपना पता अपने पहचान पत्र पर संजीव के घर को ही अंकित किया है। संजीव की पत्नी बनकर मीनाक्षी और लक्ष्मी ने कई जगह की सम्पत्ति भी आधे-पौने दामों में बेच दी। इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया लेकिन पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। मीनाक्षी ने बताया कि वह संजीव की पत्नी थी, है और रहेगी। संजीव से उसकी शादी 18 नवम्बर 2013 को हुई थी। शादी का कार्ड भी छपा था। बारात भी इटावा से लखनऊ जनपद के राजाजीपुरम गई थी। शादी की जानकारी संजीव के परिजनों को भी है। संजीव के परिजनों ने भी कार्ड छपवाया था।
मीनाक्षी के साथ परिजनों ने भी लगाया हत्या का आरोप
परिजनों के मुताबिक संजीव की मौत हत्या है या आत्महत्या इस बारे में पुलिस कोई जवाब नहीं दे पाई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी ठोस जानकारी नहीं हो पाई थी। परिजनों ने बताया कि पुलिस इसे आत्महत्या बताने पर तुली रही लेकिन विरोध करने पर मामले की जांच प्रारम्भ की गयी। एक वर्ष से ऊपर होने के बाद भी पुलिस ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच सकी है। मीनाक्षी भी इस मामले में संजीव के भाई राहुल मिश्रा, बहनोई प्रत्यूष मिश्रा पर हत्या का आरोप लगा रही है।
कोर्ट में हुआ समझौता भी निरस्त
मीनाक्षी ने पे्रसवार्ता करते हुए बताया कि संजीव की मां ने कोर्ट में धोखे से उसे एक करोड़ रुपये का चेक देकर यह समझौता कराया कि इसके बाद से संजीव की प्रॉपर्टी पर कोई उसका अधिकार नहीं रहेगा। इसकी जानकारी होने पर मीनाक्षी ने कोर्ट से समझौते को निरस्त करा दिया। मीनाक्षी ने साफ तौर पर कहा कि उसकी प्रॉपर्टी को संजीव के परिजन बेच रहे हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इतना ही नहीं संजीव की मौत के बाद गुटखा कम्पनी को अवैध तरीके से संचालित भी किया जा रहा है।

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