मैं चाहे ये करूं, मैं चाहे वो करूं…मेरी मर्जी

गणेश जी वर्मा
Captureलखनऊ। मैं चाहे यहां थूकूं या मैं चाहे वहां थूकूं…मेरी मर्जी। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाओ। जहां चाहो वहां सिगरेट के धुएं के छल्ले बनाओ। कुछ भी करो। क्योंकि ऐसे गंदे कार्य करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ऐसे घृणित कार्य को अंजाम देने वालों का कोई आंकड़ा जहां सरकार के पास नहीं है वहीं गंदगी करने वालों पर विगत पांच वर्षों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठता है कि क्या प्रदेश में कोई पान, गुटखा खाकर सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नहीं करता या फिर इनके ऊपर कार्रवाई करने वाले पुलिस विभाग को नियमों का पता नहीं है। रेलवे विभाग ऐसे लोगों पर कार्रवाई करता है। यकीन न आए तो आप चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर सिगरेट पीकर देखिए। सीसीटीवी कैमरों के जरिए आपको चालान भरना होगा। लेकिन अन्य स्थानों पर ऐसा नहीं है। जब स्वच्छ भारत का सपना देखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झाड़ू उठा लिया तो फिर जिला प्रशासन हो या पुलिस, ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने में हिचकती क्यों है।
4पीएम संवाददाता के एक रिसर्च में दिनांक 10 जुलाई 2009 से 14 मार्च से 2012 तक एवं 15 मार्च 2012 से 11 नवम्बर 2014 के बीच कितने ऐसे लोगों पर कार्रवाई हुयी जो सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करते हुए पकड़े गए। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों में कितने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की गई जो गंदगी करते हुए पकड़े गए। इस संदर्भ में स्थानीय निकाय निदेशालय के पास पांच दिसम्बर 2014 तक कोई सूचना और संख्या नहीं है। इतना ही नहीं ऐसे व्यक्ति की कोई संख्या भी नहीं है जो सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करते हुए पकड़े गए। सवाल उठता है कि क्या प्रदेश में लोग सार्वजनिक स्थान पर गंदगी नहीं करते या फिर पुलिस कार्रवाई करने में कोताही बरतती है। कुछ भी हो लेकिन हकीकत यही है कि पुलिस ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। कहना गलत नहीं होगा कि जब सडक़ों पर पुलिस, अधिकारी, नेता सहित कई गणमान्य लोग सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करते हुए देखे जा सकते हैं तो इनके ऊपर कौन कार्रवाई करेगा।
पुलिस एक्ट में यह हैं नियम
पुलिस एक्ट के मुताबिक धारा 34 के तहत ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाती है। इस नियम के तहत ऐसे लोगों पर 50 रुपए का जुर्माना होता है। न्यायाधीश के ऊपर सजा का प्रावधान भी होता है।
आईपीसी के तहत भी बनी हैं धाराएं
आईपीसी के अध्याय 14 में कई धाराएं ऐसे लोगों पर बनी हुई हैं, जिनमें जुर्माना से लेकर छह माह तक कैद का प्रावधान है। इन धाराओं में 269, 270, 272, 275, 277 और 278 शामिल हैं। लेकिन पुलिस इन धाराओं का शायद ही प्रयोग करती है।
राजस्व बढऩे के साथ लगेगी लगाम
आईजी अमिताभ ठाकुर ने इस संदर्भ में बताया कि यदि इन धाराओं का प्रयोग किया जाए तो सरकार को राजस्व मिलेगा वहीं ऐसे लोगों पर लगाम भी लगेगी। इस तरह का गंदा कार्य करने वालों के मन में डर भी बना रहेगा। कई स्थानों पर तो लोग धूम्रपान करते हैं जिसके कारण पास में खड़े रहने वालों लोगों को काफी परेशानी होती है।
स्वच्छ भारत अभियान पर प्रश्नचिन्ह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारम्भ किये गये स्वच्छ भारत अभियान पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है। देश के सबसे बड़े प्रदेश में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की संख्या शून्य है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि भारत कैसे स्वच्छ होगा। जब यूपी में सरकार ने धूम्रपान निरोधक कानून के तहत पिछले पांच सालों में सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने के लिए दंडित किये जाने का कोई भी मामला दर्ज ही नहीं किया है तो इस संशोधन से भी किसी बदलाव की उम्मीद करना बेमानी साबित होगी।

 

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