मेरठ के साथ अन्याय नहीं होने दिया जायेगा: वाजपेयी

मेरठ को स्मार्ट सिटी की लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रही सरकार

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि मेरठ के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रायबरेली को स्मार्ट शहर बनाया जा रहा है जबकि वह शहर तक नहीं है। मेरठ एनसीआर का केन्द्र है। मेरठ उद्योग का बड़ा क्षेत्र है। यहां कपड़े से लेकर चीनी की फैक्ट्रियों की भरमार है। इसके अलावा मेरठ मण्डलीय मुख्यालय भी है। इसलिए मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल किया जाना चाहिए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री बाजपेयी ने आज प्र्रमुख सचिव आलोक रंजन से मिलकर मेरठ को स्मार्ट सिटी में शामिल करने का अनुरोध किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार मेरठ को स्मार्ट सिटी की लिस्ट से बाहर करने की कोशिश कर रही है। पहले जो सूची जारी की गई थी उसमें मेरठ को 13वें नंबर पर तथा रायबरेली को 14 वें नंबर पर रखा गया था। उसके बाद जो लिस्ट आयी उसमें 13 (ए)रायबरेली तथा 13(बी)पर मेरठ कर दिया गया। जब सरकार को 13 (ए)और 13(बी)करना था तो मेरठ को 13 (ए) और रायबरेली को 13(बी)करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राज्यस्तरीय बैठक के बाद मुख्य सचिव उ.प्र. कार्यालय द्वारा 29-7-2015 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में रायबरेली का नाम नहीं है बल्कि मेरठ का नाम है। जब मेरठ था तो अब रायबरेली कहा से आ गया। उन्होंने कहा कि मेरठ नगर में नगर निगम गठित होने के कारण, मेरठ में स्मार्ट सिटी योजना का क्रियान्वयन करने के लिए रायबरेली की अपेक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता ज्यादा है। यह नगर जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के अन्तर्गत आच्छादित है। इसलिए मेरठ को स्मार्ट सिटी बनना ही चाहिए।

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