मेडिकल स्टोरों पर बिक रही प्रतिबंधित दवाईयां

प्रतिबंधित दवाईयां बेचना अपराध है। राजधानी में हजारों मेडिकल स्टोर हैं, सबकी चेकिंग करना आसान नहीं है। जिन मेडिकल स्टोरों के खिलाफ थोड़ी सी जानकारी मिली, उन पर कार्रवाई की जायेगी।– संजय यादव, ड्रग इंस्पेक्टर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित दवाइयां धड़ल्ले से बिक रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दवाइयों पर रोक लगाने के बावजूद दुकानों पर दवाएं भरी पड़ी है और मरीजों को दी जा रही है। प्रतिबंधित दवा अल्पाजोलॉन, डायजीपॉम, साइजीपॉल, नीमोस्लाइड आदि दवाईयां दुकानों पर मिल रही है और लोग खरीद रहे है। इतना ही नहीं प्रतिबंधित कंपनियों से तो दुकानदार मोटा कमीशन लेते ही है, दवाएं भी उंचे दामों पर बेच रहे हें।

बहुत से ऐसे मरीज है जिन्हें ये तो पता है कि फला दवा से ये बीमारी ठीक होती है पर उन्हें ये नहीं मालूम की ऐसी दवाइयां प्रतिबंधित है। दुकानदारों से मरीज दवाई मांगते है तो वो मना न कर दवा पकड़ा देते है। ऐसी दवाइओं शरीर के लिए बहुत ही घातक है। इन दवाईयों का लीवर, किडनी पर असर होता है। देश में प्रतिबंधित दवाइयों के बारे में जानना बहुत मुश्किल नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर इन दवाओं की पूरी लिस्ट मौजूद है।

नहीं देते स्लिप
सूत्रों की मानें तो दवा दुकानदारों को पता है कि ये दवा प्रतिबंधित है फिर भी उसे ना सिर्फ बेच रहे हैं बल्कि उसकी पैरवी भी करते हैं लेकिन डॉक्टरों की मानें तो इस दवा से लीवर फेल हो सकता है। प्लेटलेट्स कम हो सकती है और शरीर में खून का रिसाव हो सकता है। इसके बावजूद दवा दुकानदारों की ओर लगातार मनमानी की जा रही है। ग्राहक को दवा देते समय प्रतिबंधित दवाओं की स्लिप दवा दुकानदारों की ओर से नहीं दी जाती, ताकि उन पर कोई कार्रवाई न हो।

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