मेडिकल प्रोटेक्शन को सही से लागू करने पर फिर सेजोर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रॉइवेट डॉक्टरों की एकदिवसीय हड़ताल के बाद राजधानी के सरकारी अस्पतालों में हड़ताल हो सकती है। लोकबंधुृ अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ मारपीट की घटना के बाद ऐसी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। घटना के बाद डॉक्टरों में रोष है। अगर इस समय सरकारी अस्पतालों में हड़ताल हुई तो हाहाकार मच जायेगा। इस समय गर्मी का पारा 40 डिग्री के ऊपर चढ़ा हुआ है। जिससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बदलते मौसम के कारण डायरिया, डिहाइड्रेशन आदि बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। अगर इस समय एक दिन की भी हड़ताल हुई तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाओं में बढ़ोत्तरी से एक बार फिर प्रदेश में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को कायदे से लागू करने की आवाजें तेज हो गई हैं।
क्या था मामला एलडीए कॉलोनी के रहने वाले अंबर को उसके परिजन गंभीर हालत में लोकबंधु अस्पताल लेकर आये। जहां इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। उसके बाद इमरजेंसी में बैठे डॉक्टर कागज बनाने लगे। करीब दो घंटे इमरजेंसी के बाहर अंबर पड़ा रहा। उसके बाद शव को लोकबंधु अस्पताल स्थित मच्र्युरी ले जाया गया। जहां पर एक परिजन को कुछ शक हुआ। उसने अंबर के मुंह पर पानी डाला। एकदम से अंबर उठा और उल्टियां करने लगा। इसके बाद अंबर के परिजन उसे अवध हॉस्पिटल ले गए जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद गुस्साये परिजन शव को लेकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचे ओर विरोध करने लगे।
परिजनों ने इमरजेंसी ड्यूटी में लगे डॉ. पीएन अहिरवार और डॉ. मलिक को पीटना शुरू कर दिया। उसके बाद डॉ मलिक को खंीचते हुए वैगनऑर में ले गए जिसके बाद असपताल में मौजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ ने उन्हें किसी प्रकार बचाया। फिर अस्पताल में मौजूद करीब 50 परिजनों ने अन्य डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ मारपीट शुरू किया। परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों पैरामेडिकल स्टॉफ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जिसके बाद ओपीडी बंद कर दी गई। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कृष्णानगर पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद मामले को शांत कराया।
एमपीए को लेकर तेज हुई आवाजें डॉक्टरों के साथ आये दिन बढ़ रही हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को पूरी तरह से लागू करने की आवाजें मुखर होने लगी हैं। कई वरिष्ठ डॉक्टरों ने एमपीए को गंभीरता से लागू करने की बात कही है।

डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट की घटनायें निंदनीय हैं। इसे रोकने के लिए सरकार को मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को गंभीरता से लागू करना चाहिये।
– डॉ आरसी अग्रवाल सीएमएस, लोहिया अस्पताल
मरीज के परिजनों की डॉक्टरों से अपेक्षायें बढ़ गई हैं। डॉक्टर अपना काम करते हैं लेकिन वह भगवान नहीं हो सकते। इस बात को समझना पड़ेगा। इस तरह की घटनाओं से चिकित्सकों का मनोबल कमजोर होता है। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट पूरी तरह से लागू होना चाहिये। अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो मेडिकल का भविष्य खतरे में है।
– डॉ वेद, डिप्टी एमएस, केजीएमयू
बारिश और आंधी से सुहाना हुआ मौसम
लखनऊ। कई दिनों से चुभती धूप और चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों को आज सुबह तब राहत मिली जब शहर में काले बादलों ने अपना डेरा जमा लिया और कुछ ही देर में रिमझिम बारिश और तेज आंधी से मौसम सुहाना हो गया। आज सुबह लगभग 8:30 के करीब शहर में बारिश हुई जिसकी वजह से ऑफिस जा रहे लोगों को भीगते हुए अपने दफ्तर जाना पड़ा। इस दौरान बच्चों ने इस मौसम का बहुत आनंद उठाया और अपने-अपने घरों के बाहर आकर बारिश में भीगते हुए खेलना शुरू कर दिया। इस बरसात का लोग काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे। आखिरकार सोमवार की सुबह लोगों की तमाम आशाओं को भगवान इंद्र ने पूर्ण किया। बरसात की वजह से फिलहाल तो लोगों को गर्मी से राहत मिल गई है लेकिन मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी फिर से अपने तेवर तल्ख करेगी और फिलहाल पूरे जून भर इस गर्मी से रहात मिलने के आसार नहीं दिखते। वहीं मानसून भी अपनी दस्तक लगभग जून के अंतिम हफ्ते में ही देगा लेकिन जो भी हो गर्मी से राहत दिलाती इस बारिश का लोगों ने जमकर मजा उठाया।

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