मेट्रो बदल देगी लखनऊ की तस्वीर: अखिलेश

यूपी के सीएम अखिलेश यादव को लगता है कि प्रदेश का अगला चुनाव विकास के नाम पर ही लड़ा जायेगा और इसमें उन्हें कामयाबी मिलेगी। वह बातचीत में यह बात स्वीकार करते हैं कि चुनाव पास आता देखकर कुछ लोग प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, मगर उनको लगता है कि जनता ही ऐसे लोगों को जवाब देगी। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और मेट्रो जैसी विकास की योजनाओं को वह अपनी उपलब्धि बताते हैं। 4क्करू के संपादक संजय शर्मा से उन्होंने विस्तार से बातचीत की और अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से बताया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश : –

अगले चुनावों में सिर्फ विकास ही बनेगा बड़ा मुद्ïदा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्ïदा क्या होगा आपका?

G1हमारा सिर्फ एक ही मुद्ïदा होगा और वह है विकास का मुद्ïदा। हम लोगों को बतायेंगे कि किस तरह चार साल पहले के प्रदेश और अब के प्रदेश में अंतर हो गया। पूरे प्रदेश का माहौल सिर्फ विकास के कारण बदल गया।

पर विपक्ष तो आरोप लगाता है कि यूपी में विकास नहीं हो रहा है?
अब अगर कोई अपनी आंख बंद करके ही विकास देखना चाहे तो मैं उसका क्या कर सकता हूं। यूपी ही देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जो अपने खर्च पर 326 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे बनवा रहा है। इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत यह भी रही है कि पूरे एक्सप्रेस-वे की जमीन अधिग्रहण को लेकर एक भी विवाद नहीं हुआ। हमने किसानों को जमीन की पूरी कीमत दी और प्रदेश की तकदीर बदलने वाला यह एक्सप्रेस-वे रिकार्ड समय में बनकर तैयार होने वाला है।

सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानते हैं आप? यह एक्सप्रेस वे?
सिर्फ एक ही बताऊंगा तो यह नाकाफी होगा। सरकार विकास के हर फ्रंट पर काम कर रही है। अब आप ही देख लीजिये लखनऊ में मेट्रो का काम कितनी तेजी से चल रहा है। पूरे देश में लखनऊ से जल्दी मेट्रो कहीं नहीं बनी। मेट्रो अगले साल से चलना शुरू हो जायेगी और मेट्रो के चलने से लखनऊ की तस्वीर ही बदल जाएगी।

ऐसे कौन से काम हैं जिसको लेकर लगता है कि आप यह काम नहीं कर पाये?
मुझे ऐसा कोई काम नजर नहीं आता जिसको लेकर मैं यह कहूं कि मैं यह काम नहीं कर पाया। मेरी सरकार ने हर मोर्चे पर सफलतापूर्वक काम किया। बिजली के क्षेत्र में हमने अभूतपूर्व काम किया। इतने सब स्टेशन कभी नहीं बने। 26 साल बाद कोई जापानी कंपनी यूपी में ऊर्जा क्षेत्र में काम करने आयी है। यूपी का एलईडी वितरण देश में पहले स्थान पर रहा। खुद ऊर्जा मंत्री ने हमको बधाई दी। हमारा लक्ष्य है 2016 के बाद शहरों को 20 से 22 घंटे और गांवों में 14 से 18 घंटे बिजली देंगे। यह शानदार काम किसी भी सरकार की बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है।
विकास की बात तो केंद्र सरकार भी कर रही है। क्या कहा जाये, ज्यादा विकास कौन कर रहा है?
सच सबके सामने है। अच्छे दिन के बहकावे में तो एक बार लोग आ गये मगर अब नहीं आने वाले हैं। मैं तो कहता हूं कि जिस राज्य ने 73 सांसद दिये उस राज्य को और ज्यादा विकास की योजनायें दी जानी चाहिए। मगर उल्टा हो रहा है। हम बिजली के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी हमारा बिजली का कोटा नहीं बनाया जा रहा।

मगर केंद्र सरकार आप पर विकास कार्यों में अडंग़ा डालने का आरोप लगाती है?
सब जानते हैं कि सच क्या है। मैंने गोरखपुर में एम्स बनाने को जमीन दी तो उन्होंने कह दिया कि यहां की सडक़ अच्छी नहीं। मैंने कहा कि आप जगह बताओ कि एम्स कहां बनाना है। मैं वहां फोर लेन बनवा दूंगा मगर अब वह खामोश हैं। पिछली सरकार रायबरेली में एम्स बनाने की जमीन नहीं दे रही थी। हमने कहा जहां जमीन चाहिए मैं देने को तैयार हूं मगर एम्स तो बनना चाहिए। और मैंने वहां जमीन दी और वहां एम्स बन रहा है। मैं विकास के हर कार्य के लिए चौबीस घंटे हाजिर हूं मगर कोई यूपी पर ध्यान ही न दे तो क्या किया जा सकता है?

आप कहना चाहते हैं कि यूपी के अच्छे दिन अभी नहीं आये हैं?

मैं चाहता हूं कि अच्छे दिन की बात करने वाले लोग फिर अच्छे दिन के नारे को लेकर ही यूपी में आयें जिससे लोगों को लग सके कि किस तरह उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया। यूपी के लोग एक बार इस नारे के बहकावे में आ गये अब नहीं आने वाले हैं।
मगर कुछ काम तो केंद्र सरकार अच्छा कर रही है। प्रधानमंत्री समेत सभी सांसद एक गांव को गोद ले रहे हैं।
एक गांव को क्यों? मैं तो चाहता हूं कि सांसद सभी गांवों को गोद ले लें सबका विकास हो। मगर सिर्फ अच्छी बातें बोलने से ही काम नहीं चलता लोग हकीकत जानते हैं। उन्हें लगता है कि उनके साथ धोखा हो गया। यही कारण है कि प्रधानमंत्री जी के क्षेत्र बनारस में सोलह साल बाद समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल की।

आप आगामी विधानसभा चुनाव में क्या तुलना करेंगे केंद्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों की?
हमको तुलना करने की जरूरत ही नहीं है। हमारे विकास कार्य लोगों को पता हैं। उनका हम पर और हमारे कामों पर यकीन है। यही कारण है कि मुझे पूरा भरोसा है कि 2017 में पूर्ण बहुमत के साथ हमारी सरकार बनेगी। अब आप देखिये जब मैं लैपटॉप बांट रहा था तो विपक्ष के लोग उसे झुनझुना कहते थे। मैंने 17 लाख लैपटॉप बांटकर गरीब ग्रामीण नौजवानों को भी तकनीक से जोड़ दिया तो इन लोगों को कुछ सूझ नहीं रहा। जनता सिर्फ काम देखती है।

पर विपक्ष तो कुछ और मुद्ïदे ही उठाना चाह रहा है। राम मंदिर मुद्ïदा फिर चर्चा में है।
देखिये तरक्की का रास्ता खुशहाली से आता है। अगर उद्योग लगेंगे तो लोगों को रोजगार मिलेगा। रोजगार मिलेगा तो उनका जीवन स्तर सुधरेगा। मगर कुछ लोग कौन क्या खायेगा? कौन क्या पहनेगा? जैसे विवादों में उलझे हुए हैं। ऐसे विवाद किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकते। मैं तो हर जगह कहता हूं कि कम्युनल होना बहुत आसान है, सेक्युलर होना बहुत मुश्किल। इन लोगों का भरोसा नहीं कब लाउडस्पीकर पर झगड़ा कर दें। कब धर्म परिवर्तन पर बवाल कर दें। कब लव जेहाद जैसे मुद्ïदे उठा दें।

उनको लगता होगा कि ऐसे मुद्ïदों से उन्हें कामयाबी मिल जाती है।
पहले मिल जाती होगी पर अब परिस्थितियां बदल गयी हैं। अब लोग झगड़ा नहीं चाहते। आपसी प्यार और भाईचारा चाहते हैं। इन लोगों ने बिहार चुनाव से पहले बड़ी सफाई के साथ गाय का मुद्ïदा उठाया था पर लोगों ने नकार दिया। लोग ऐसे विवादित मुद्ïदों से दूर रहना चाहते हैं।

आप किन मुद्ïदों को लेकर जनता के बीच जाना चाहते हैं?
मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि यूपी अब पूरी तरह बदल गया है। मैं चाहता हूं कि मैं जल्दी से जल्दी एक्सप्रेस-वे बनवा कर लोगों को दिखा सकूं। नौजवानों से कह सकूं कि उनके भविष्य के लिए मैंने नौकरियों में शर्तें बहुत आसान कर दी हैं। अभी पुलिस में 35 हजार भर्तियां निकाली हैं। हम सिर्फ और सिर्फ विकास की बात करेंगे और जीत हासिल करेंगे।

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