मूल संस्कृति से दूरी कष्ट का कारण: मृदुला सिन्हा

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर हुई व्यापक चर्चा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जलवायु परिवर्तन के फलस्वरूप प्रदेश भर में उत्पन्न होने वाले प्राकृतिक एवं भौगोलिक बदलावों पर चर्चा करने के लिए पूर्वांचल ग्रामीण विकास संस्थान की तरफ से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जानी मानी लेखिका और गोवा की राज्यपाल डा. मृदुला सिन्हा ने जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरों पर चिन्ता व्यक्त की और मूल संस्कृति में प्राकृतिक शक्तियों की पूजा और पेड़- पौधों, नदियों, समुद्र और पशुओं की सुरक्षा के माध्यम से खतरे को टालने की बात कही है। उन्होंने सामाजिक समस्याओं की चिन्ता और चिन्तन करने को सकारात्मक संकेत माना और जलवायु परिवर्तन के नुकसान को कम करने में मिलजुलकर प्रयास करने की सलाह दी है।
इस कार्यक्रम में भारतीाय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने जलवायु परिवर्तन पर आयोजित कार्यशाला में कारणों और निवारण के तरीकों का सारा लेखा-जो्रखा तैयार कर उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही उन मुद्दों पर अगले सत्र में उत्तर प्रदेश विधानसभा में बहस करवाने और समाधान उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर क्लाइमेट एक्शन नेटवर्क साउथ एशिया के डायरेक्टर संजय वशिष्ठ और देश के इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के जाने माने प्रशिक्षक व आईपीएस भानू प्रताप सिंह उपस्थित हुए। इस अवसर पर कई जाने माने विशेषज्ञ, मौसम विशेषज्ञ, जन प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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