मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने न्याय के लिए खून से चिट्ठी लिखने वाली बेटियों को 10 लाख रुपये देने का किया ऐलान

  • बुलंद शहर में अपनी मां के हत्यारों को सजा दिलाने की लड़ाई लड़ रही बेटियों से सीएम ने अपने आवास पर की मुलाकात 

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुलंद शहर में अपनी मां के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए खून से चिट्ठी लिखने वाली बेटियों से आज सुबह अपने आवास 5 केडी पर मुलाकात की है। सीएम ने 10 लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान किया। इसके अलावा बच्चियों को रहने के लिए आवास, उनके मामा को सरकारी नौकरी और इंसाफ दिलाने का आश्वासन दिलाया है।
अपनी मां के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए सीएम को खून से चिट्ठी लिखने वाली बुलंदशहर की बहादुर बेटियों की आवाज का असर हो रहा है। सीएम के आदेश पर जिले के एसएसपी अनीस अहमद अंसारी और जिला प्रशासन का अमला बेटियों से मिलकर बयान ले चुका है। पीडि़ता के घर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को बेटियों ने आपबीती सुनाई। घटना के बाद पुलिस की करतूत भी बयां की। अफसरों ने बहादुर बेटियों को इंसाफ दिलाने का वादा किया। इसके बाद आज सुबह बुलंदशहर की बहादुर बेटियां न्याय की आस लिए लखनऊ पहुंचीं। इन बेटियों ने सीएम से उनके आवास 5 केडी पहुंचकर मुलाकात की। उन्हें मुख्यमंत्री ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही बच्चियों को 10 लाख की आर्थिक सहायता, रहने के लिए सरकारी आवास और बच्चियों के मामा को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला
बुलंदशहर में सिटी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देवीपुरा निवासी अन्नू की शादी 31 मई 2000 को बुलंदशहर सिटी के मनोज बंसल से हुई थी। एक कार कंपनी में दो जिलों का मार्केटिंग ऑफिसर मनोज और अन्नू से दो बेटियां हुईं लेकिन शादी के 16 साल बाद भी उसकी बेटे के लिए चाहत कम न हो सकी। मनोज दूसरी शादी करना चाहता था। इसीलिए अन्नू के साथ मारपीट करता था। उसकी इस हरकत का परिवारवाले भी समर्थन करते थे। आखिरकार अन्नू बंसल को 14 जून 2016 की सुबह उनके घर में ही मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया।

गंभीर हालत में उसको दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्नू ने 6 दिन तक अस्पताल में रहकर मौत से जंग लड़ी, लेकिन हार गई। हालांकि मौत से पूर्व अन्नू ने सारी आपबीती अपनी मासूम बेटियों को सुना दी थी। बेटियों ने वारदात के वक्त अपने पिता और उनके घरवालों को अन्नू के साथ मारपीट करते और जलाते हुए भी देखा था। मनोज की दरिंदगी का आलम ये है कि उसने बेटे की चाहत में अन्नू का पांच बार अबॉर्शन करवाया था। अन्नू ने यह बात अपने मायके वालों को भी बताई थी। अन्नू की बेटी लतिका की मानें तो उसके पिता लडक़े की बात को लेकर ही झगड़ते थे। रोज रात को शराब पीकर पीटते थे। 

सीएम को लेटर लिख बयां किया था दर्द

अन्नू की बेटी लतिका ने यूपी के सीएम को भेजे लेटर में लिखा था कि ’मैंने जो देखा वह कभी भूल नहीं सकती। मेरी मां को मेरे सामने ही जिंदा जला दिया गया। बेटे को जन्म न दे पाने की वजह से मां पर होने वाले अत्याचारों को देखा है। मेरी बहन का जब जन्म हुआ था, तब हम तीनों को घर से बाहर फेंक दिया गया था। तब हम किराए पर रहते थे। मेरी मां को धमकी दी गई कि मेरे पापा की शादी किसी और के साथ कराई जाएगी, जो बेटे का जन्म दे सके। मेरी मां को जब जलाया गया तो छोटी बहन रोती ही रह गई, लेकिन मैंने बहादुरी दिखाते हुए 100 नम्बर पर फोन किया था। इसके बाद न्याय के लिए सोशल मीडिया पर आवाज उठाई। अन्नू की बेटियों लतिका (15) और तान्या (11) ने फेसबुक और तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर न्याय की गुहार लगाई। आज भी वह अपनी आवाज को फेसबुक और ट्विटर के जरिए बुलंद कर रही है।

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