मुख्तार अंसारी से जुड़े सवालों से बचते रहे कारागार मंत्री रामूवालिया

  • सेहत बिगडऩे का हवालादेकर लखनऊ जेल में किया गया था शिफ्ट

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से जब पत्रकारों ने मुख्तार अंसारी से जुड़े सवाल किए तो वह जवाब देने से बचते रहे। उन्होंने मुख्तार अंसारी से जुड़े सवालों का गोलमोल जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी की सेहत को देखते हुए उन्हें लखनऊ जेल में शिफ्ट
किया गया है। 

मुख्तार पर सख्ती दिखाने के कारण हटाए गए एडीजी कारागार डीएस चौहान

मुख्तार अंसारी विवाद के तूल पकडऩे के बाद कल एडीजी जेल डीएस चौहान को हटा दिया गया। उनके इस तबादले को भी मुख्तार प्रकरण से जोडक़र देखा जा रहा है। डीएस चौहान की गिनती तेज तर्रार और ईमानदार छवि के अफसर में होती है। कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया से जब पत्रकारों ने डीएस चौहान को हटाए जाने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि ट्रांसफर-पोस्टिंग
एक अलग प्रक्रिया है। डीएस चौहान के ट्रांसफर को मुख्तार अंसारी से जोडऩा
गलत है।

कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया आज अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस अवसर पर मथुरा जिले के ग्राम नोगॉव के गोपाल अग्रवाल और देवी सिंह को पत्रकारों के सामने पेश किया गया और यह बताया गया कि इसके छह लाख पचास हजार रुपए की रकम अलीगढ़ निवासी सरदार राजन सिंह जुनेजा दबा कर बैठा हुआ था। वह पैसे देने से इनकार कर रहा था। यह मामला जब मंत्री रामूवालिया के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल कार्यवाही कराकर पीडि़त पक्ष को रुपए वापस कराए। इसके अलावा लखीमपुर खीरी जिले के मतौली निवासी सरदार निर्मल सिंह को गुर्दे के इलाज के लिए चार लाख रुपए की धनराशि दिलवायी। इतना ही नहीं उन्होंने पीलीभीत के सरदार रणजीत सिंह को जर्मनी जाने के लिए कागजात बनवाने में मदद की और उन्हें जर्मनी भिजवा दिया।

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