मीडिया भी नहीं दिखाती घोटाले की खबरें

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने की प्रेस वार्ता
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से बात करके तैयार होगी रूपरेखा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्वास्थ्य भवन में लगी आग के मामले में कर्मचारियों को फर्जी फंसाये जाने का विरोध कर रहे कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी संघ का सहयोग मिल गया है। राज्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय ने कहा कि स्वास्थ्य भवन में घोटाले पर घोटाले हो रहे हैं। इन घोटालों की अगर सही तरीके से जांच हो तो इसमें बड़े-बड़े नेताओं से लेकर आला अधिकारी चपेट में आ जायेगें लेकिन मीडिया भी इन घोटालों को लकर सही बात उजागर नहीं करती।
निर्दोष कर्मचारियों को फंसाकर फाइल बंद कर दी जाती है। उन्होंने डीजी हेल्थ डॉ. विजयलक्ष्मी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चिकित्सा महानिदेशिका स्वास्थ्य का चुप रहना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब कर्मचारी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से मिलकर निर्दाेष कर्मचारियों का पक्ष रखेगें।
अध्यक्ष अजय ने कहा कि प्रमुख सचिव से मिलने के बाद आगे की रणनीति स्पष्ट की जायेगी।
मंगलवार को स्वास्थ्य भवन के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। इसी के साथ चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के इस आंदोलन से कई और कर्मचारी संघ भी जुड़ गए, जिन्होंने इस मामले में विभागीय जांच कराने का समर्थन किया। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य महानिदेशक पर कर्मचारियों का पक्ष न रखने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी उदासीनता के चलते ही हमें मजबूर होकर यह कदम उठाना पड़ा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगे न माने जाने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

बलरामपुर अस्पताल में भिड़े ठेकेदार

लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल परिसर में एक बार फिर बड़ी हिंसक घटना हो सकती थी। वो तो पुलिस समय से पहुंच गई और स्थिति को संभाल लिया। अस्पताल परिसर में ठेकेदारों के दो गुट आमने-सामने आ गए। दोनों पक्ष के कई लोग असलहों से लैस थे। दो पक्षों के बीच गहमा-गहमी बढऩे पर अस्पताल परिसर में हडकंप मच गया। हंगामा बढऩे पर पहुंची वजीरगंज पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को अलग कर स्थिति को संभाला। बताया गया कि बलरामपुर अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम को लेकर दो ठेकेदारों के बीच विवाद हुआ था। एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष को काम नहीं करने दे रहे थे। इसी बात को लेकर उनके बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इंस्पेक्टर वजीरगंज अजीत सिंह चौहान के मुताबिक हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करा दिया था। इस मामले में अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।

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