मिस्त्री व खत्री पर लगाया कांग्रेस को बर्बाद करने का आरोप

  • गांधी परिवार के लोगों को चुनाव के अलावा सामान्य दिनों में भी यूपी पर ध्यान देने की सलाह

Captureप्रभात तिवारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हालिया स्थिति का जायजा लेने पहुंचे प्रशांत किशोर के सामने युवाओं ने जमकर भड़ास निकाली। युवा कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी के महासचिव मधुसूदन मिस्त्री और प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं पर पार्टी को बर्बाद करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही केवल चुनाव के दौरान ही उत्तर प्रदेश का दौरा करने वाले गांधी परिवार के लोगों को सामान्य दिनों में भी क्षेत्र का दौरान करने की नसीहत दे डाली। इसके साथ ही पार्टी की हालिया स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक तमाम सुझाव भी पेश किये, जिसमें सक्रिय युवा कांग्रेसियों, महिलाओं और दलितों को चुनाव में अधिक से अधिक भागीदारी दिलाने और सभी विधानसभाओं में बूथवार पार्टी को मजबूती दिलाने का काम युवाओं को सौंपने की सलाह दे डाली। इसलिए कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक सीटें जिताने की कोशिश में लगे प्रशांत किशोर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उनके सामने पार्टी में शीर्ष पदों पर बैठे मठाधीशों की जगह सक्रिय नेताओं को चुनाव की बागडोर सौंपने और कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए कठोर फैसले लेने की चुनौती आन पड़ी है।
प्रशांत किशोर अपनी 30 सदस्यीय टीम के साथ दो दिन से लखनऊ में हैं। वह 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी की तरफ से उठाये जाने वाले प्रमुख मुद्दों, अलग-अलग क्षेत्रों की खास समस्याओं, पार्टी की विभिन्न इकाइयों में मौजूद कमियों, पार्टी की कमियों को सुधारने के लिए आवश्यक सुझावों और चुनाव में अधिक से अधिक सीटें हासिल करने को लेकर विस्तृत चर्चा की जा रही है। इसमें युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों ने पार्टी में शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को कांग्रेस की बदहाली के लिए जिम्मेदार बताया। उन लोगों ने एक स्वर में कहा कि पार्टी के लिए जी तोड़ मेहनत करने वाले सक्रिय कार्यकर्ताओं को दो चार महीनों में अपनी एक झलक दिखाने वाले नेताओं और बड़ी ही मुश्किल से कार्यकर्ताओं का फोन काल रिसीव करने वाले पदाधिकारियों के भरोसे विधानसभा चुनाव में बेहतर परिणाम लाने की उम्मीद बेमानी है। यदि यूपी में कांग्रेस को अधिक से अधिक सीटें हासिल करना है, तो हर विधानसभा में बूथवार एक-एक मजबूत युवा कार्यकर्ता को पार्टी के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी सौंपनी होगी। इसके साथ ही जातिगत राजनीति के चक्रव्यूह को बार-बार संवेदनशील मामलों के माध्यम से चोट करके तोडऩा होगा। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तरफ से प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रजेंट करना होगा। इसके साथ ही युवाओं, महिलाओं और दलितों को चुनाव में अधिक से अधिक टिकट देना होगा। युवाओं ने सोशल मीडिया को आम जनता तक बात पहुंचाने का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की सक्रियता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। इस दौरान अनूसूचित जाति एवं जनजाति ईकाई के लोगों ने चुनावों में जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखकर दलितों को अधिक से अधिक प्रत्याशी बनाने की सलाह दी। इसके अलावा अल्पसंख्यक संगठन ने प्रदेश में अल्पसंख्यकों से जुड़े प्रमुख मुद्दों और एनएसयूआई ने छात्रों की समस्याओं को मुद्दा बनाकर विधानसभा चुनाव लडऩे की सलाह दे डाली।
प्रशांत किशोर के साथ गांधी भवन सभागार और पार्टी मुख्यालय पर आयोजित चर्चा में दो प्रमुख बातें सामने आईं। इसमें मठाधीशों की वजह से पार्टी को होने वाला नुकसान और पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा जल्द से जल्द प्रस्तुत करने की जरूरत प्रमुख है। इसके अलावा चुनाव की बजाय सामान्य दिनों में भी प्रदेश के सभी जिलों में समय-समय पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर गांधी परिवार से सदस्यों अर्थात सोनिया, राहुल और प्रियंका की जनसभाओं को अधिक से अधिक जनसभाएं आयोजित करने की सलाह दी गई। अब देखना ये है कि प्रशांत किशोर और उनकी टीम दो दिन के गंभीर मंथन के बाद पार्टी की अंदरूनी समस्याओं को जड़ से मिटाने की कितनी कारगर कोशिश कर पाते हैं। इनकी टीम की तरफ से बनाई जा रही चुनावी रणनीति कितनी सफल होती है।

Pin It