मिलावटखोरों पर लगाया गया जुर्माना

  • खोया व्यापारी प्रमोद कुमार गुप्ता पर 55 हजार का जुर्माना

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। खाद्य पदार्थों में गड़बड़ी पाए जाने पर एडीएम कोर्ट ने चार दुकानदारों पर जुर्माना लगाया है। इसमें 5000 रुपये से लेकर 55 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया गया है। जिन दुकानदारों और संस्था प्रबंधकों पर जुर्माना लगाया गया है, उन्हें सप्ताह भर के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने का नोटिस भेज दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मैदा, खोया, सॉस और कचरी का सैंपल जांच के लिए वाराणसी भेजा था। जांच रिपोर्ट में सभी सैंपल फेल हो गए हैं। इसके बाद मामला एडीएम कोर्ट में दाखिल कर दिया गया था। एडीएम पूर्वी निधि श्रीवास्तव ने बताया कि प्रद्युम्न कृष्ण वर्मा की मारूतिपुरम इंदिरा नगर में सोनी बेकरी नाम से दुकान है। 27 जुलाई 2014 को एफएसडीए की टीम ने दुकान से मैदा के सैंपल लिए थे। मैदा में वीट स्टार्च और राइस स्टार्ज ज्यादा पाया गया। प्रद्युम्न पर 52 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नेहरू नगर के काले फास्ट फूड नाम से काले बाबू की दुकान है। 15 सितंबर 2014 को यहां से टोमैटो सॉस के सैंपल लिए थे। प्रयोगशाला जांच में सॉस में स्टार्च ज्यादा पाया गया था। इसलिए काले बाबू पर 5600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी प्रकार स्नेह नगर आलमबाग में देवा लाल सिंह का कारखाना है। यहां पर फूड प्रॉडक्ट बनते हैं। 22 फरवरी 2015 को यहां से टिंग टांग ब्रांड की कचरी का सैंपल लिए गए थे। इस ब्रांड के पैकेट में मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्यपायरी डेट, पैकिंग या खाद्य पदार्थ का डिटेल नहीं लिखा था। इसलिए देवा लाल पर 5200 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं, 3 मार्च 2015 को राजा खोया मंडी नाका से प्रमोद कुमार गुप्ता की दुकान से खोया के नमूने लिए गए थे। सैंपल में फैट कम होने पर प्रमोद कुमार पर 55 हजार का जुर्माना लगाया गया है।

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