माल्या पर वक्फ की संपत्ति बेचने का आरोप

  • एसएसपी ने लिखा एफआईआर
  • अब सैब मिलर से होगी जमीन जब्त करने की कार्रवाई

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश के कई बैंकों को चूना लगाकर विदेश भाग गए विजय माल्या पर यूपी के करोड़ों रुपए ठगकर ले जाने के आरोप लगे हैं। शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि अगर समय रहते तत्कालीन एसएसपी ने उनकी एफआईआर दर्ज कर ली होती तो माल्या आज भारत में ही होता और उससे वसूली हो रही होती। वसीम रिजवी ने बताया कि 2015 के जुलाई महीने में वक्फ को पता चला कि माल्या ने मेरठ में वक्फ संपति पर बनी अपनी शराब की फैक्ट्री की जमीन को फर्जी तरीके से अफ्रीकी कंपनी सैब मिलर इंडिया लिमिटेड को बेंच दिया है। 15 जुलाई 2015 को माल्या को इस संबंध में नोटिस देकर अपना पक्ष रखने को कहा गया।
माल्या इस पर हाईकोर्ट गए, जहां उनकी रिट खारिज हुई। कोर्ट ने माल्या को बोर्ड के सामने पक्ष रखने को कहा। इस पर माल्या ने 16 नवंबर 2015 को अपना जवाब दाखिल किया। इनके जवाब की जांच की गई। जांचें पूरी होने के बाद 22 जनवरी 2016 को माल्या के ऊपर केस दर्ज करवाने का बोर्ड ने निर्णय लिया और मेरठ के डीएम और एसएसपी को लेटर लिखा। तत्कालीन एसएसपी ने माल्या पर केस दर्ज करने से बोर्ड को मना कर दिया और हीलाहवाली की। इसके चलते माल्या फायदा उठाकर यूपी से करोड़ों रुपए ठग कर ले गया। अगर समय रहते केस दर्ज हो जाता तो माल्या आज देश में होता।
वसीम रिजवी ने कहा कि माल्या के फरार होने के चलते अब सैब मिलर से जमीन जब्त करने की कार्यवाही शुरू की गई है। बोर्ड ने सैब मिलर को नोटिस जारी कर एक महीने में जमीन वक्फ के हवाले करने को कहा है। ऐसा न करने पर बोर्ड कानूनी कार्यवाही करेगा और वक्फ की जमीन को सुरक्षित करने के लिए कदम उठाएगा। इसके साथ ही तत्कालीन एसएसपी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उस पर कार्यवाही की संस्तुति के लिए भी बोर्ड ने लिखा है।

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