माया ने विपक्ष पर किए चुन-चुन कर वार

  • केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
  • सत्ता में आने पर गरीबों को घर और आर्थिक मदद देने का किया वायदा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureलखनऊ। बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने चुनावी शंखनाद कर दिया है। रविवार को आयोजित पार्टी रैली में आई भीड़ देख उत्साहित मायावती ने विपक्षियों पर चुन-चुन कर तीर चलाए और जनता से तमाम वायदे भी किए। उनके निशाने पर भाजपा व सपा ज्यादा रही। मंच से मायावती ने हर वर्ग को लुभाने की कोशिश की और वे विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की जमीन हमसार करने की हर चंद कोशिश करती दिखीं। अपने भाषण में उन्होंने देश व प्रदेश में दलितों पर हो रहे उत्पीडऩ का मुद्दा उठाया तो प्रदेश की कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल किए। उन्होंने साम्प्रदायिकता के मुद्दे पर भाजपा-सपा दोनों को घेरा। केंद्र और राज्य की नीतियों की आलोचना की। प्रदेश के विकास पर उन्होंने सपा सरकार को घेरते हुए बसपा की सरकार को जरूरी बताया।
उन्होंने वायदा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह लोगों को लैपटॉप और मोबाइल नहीं बल्कि आर्थिक मदद देंगी। बेरोजगारों के लिए काम के अवसर प्रदान करेंगी। गरीबों में अपनी पैठ पुख्ता करने के लिए मायावती ने उन्हें सरकारी घर देने का भी वायदा किया। आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ के इशारे पर भाजपा आरक्षण को खत्म करने की साजिश रच रही है। धर्म परिवर्तन के नाम पर लोगों का शोषण किया जा रहा है। दलितों को लुभाने के लिए भाजपा अंबेडकर का गुणगान कर रही है। मायावती ने किसानों के मुद्दे को भी मंच से उठाया और मोदी सरकार से सवाल किए कि ढाई साल में महंगाई कम क्यों नहीं हुई और सौ दिन में विदेशी बैंकों से कालेधन लाने के उनके वायदे का क्या हुआ? पाकिस्तान में भारतीय फौज द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को उन्होंने देर से लिया गया सही फैसला करार दिया तो भाजपा पर इसको लेकर सियासी फायदा उठाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर सीबीआई के दुरूपयोग का आरोप लगाया और कहा कि वह अपने विरोधियों के खिलाफ जांच एजेंसी का दुरूपयोग कर रही है। सपा सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उन योजनाओं के प्रचार-प्रसार में धन खर्च कर रही है जो कि बसपा सरकार ने शुरू की थी। कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दलितों के घर जाकर खाना खाने से कुछ नहीं होगा बल्कि जहां उनका उत्पीडऩ हो रहा है वहां ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।

रैली में भगदड़ से दो की मौत, कई घायल

बसपा प्रमुख मायावती की रैली में भगदड़ मचने से दो महिलाओं की मौत हो गई जबकि 25 अन्य घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक सीढिय़ों पर बने दो प्रवेश द्वारों में से एक से जब लोग नीचे आ रहे थे तभी संतुलन बिगडऩे से एक दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिसके चलते भगदड़ मची। हालांकि पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि महिलाओं की मौत गर्मी से हुई।

राजनाथ ने की डीजीपी से बात

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भगदड़ में दो महिलाओं की मौत पर चिंता जताई। उन्होंने प्रदेश के डीजीप जावीद अहमद से बात की और स्थिति का जायजा लिया। लोकसभा में लखनऊ का प्रतिनिधित्व करने वाले सिंह ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान

बसपा की रैली में मची भगदड़ में मारे गए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख देने की घोषणा की है और घटना पर शोक संवेदना व्यक्त की। वहीं बसपा प्रमुख ने भी 5 लाख के मुआवजे की घोषणा की।

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