माया ने दिखाया आदेश को ठेंगा लखनऊ में जातियों को लुभाने के लिए बताया किस जाति को कितने दिए टिकट!

सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा था धर्म और जाति के आधार पर नहीं मांगे जा सकते वोट

माया ने गिनाया जातियों का गणित कहा हमने ब्राह्मïणों को 66, ठाकुरों को 36, कायस्थ, वैश्य तथा पंजाबी जाति को दिए 11 टिकट, कुल 113 टिकट ऊंची जाति को
मुस्लिमों को सारा वोट बसपा को देने की अपील करते हुए माया ने कहा कि उन्होंने मुस्लिमों को मजबूत करने के लिए दिए 97 टिकट
पिछड़ी जाति को आकर्षित करने के लिए दिए 106 टिकट और अपने वोट बैंक दलितों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए 87 टिकट दिए माया ने
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा सपा से गठजोड़ के चलते कल लखनऊ रैली में यादव परिवार के संग्राम पर नहीं बोले मोदी

3-jan-page-114पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के कल के आदेश के बाद लगा था कि नेता अब चुनाव में धर्म और जातियों के नाम पर वोट नहीं मांगेंगे। मगर मायावती ने 24 घंटे के भीतर लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए गिनाया कि उन्होंने किस जाति के कितने लोगों को टिकट दिए हैं। जाहिर है कि जातियों का ये खेल उत्तर प्रदेश में खत्म नहीं होगा। माया ने आज नोटबंदी को लेकर भाजपा और पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी से पहले पूरे देश में भाजपा ने नगदी में दफ्तर के नाम पर जमीने खरीदीं। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा में साठगांठ है, तभी कल लखनऊ आकर भी पीएम यादव परिवार में चल रहे संग्राम पर कुछ नहीं बोले।
मायावती ने आज यह भी ऐलान किया कि अब किसी का भी टिकट नहीं बदला जाएगा। उन्होंने मुस्लिमों को साफ-साफ संदेश देते हुए कहा कि यादव परिवार में चल रहे घमासान के कारण अगर वे सपा को वोट देंगे तो उन्हें कोई फायदा नहीं होगा। अगर उन्हें भाजपा को हराना है तो फिर बसपा को ही वोट देना होगा। माया ने आज जातियों का गणित भी इसलिए गिनाया कि यादव परिवार में चल रहे संग्राम के बीच वह ये संदेश दे सकें कि उनका जातिगत संतुलन सबसे बेहतर है।
हर बार की तरह आज भी माया का निशाना मोदी पर रहा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने किसानों की कर्ज माफी के लिए कुछ भी नहीं किया। केंद्र के तमाम दावे झूठे साबित हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव में सबको 15 लाख देने का वादा किया था मगर फिर बाद में इसे जुमला बता दिया। उन्होंने कहा कि मैं कामना करती हंू कि नये साल में पीएम को सद्ïबुद्धि आए।
माया ने कहा कि पीएम मोदी को बताना चाहिए कि 50 दिन से अधिक चले इस अभियान में कितना काला धन पकड़ा गया और कितनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पीएम बसपा के लिए कहते हैं कि वो अपना पैसा बचाने में लगी है, ये झूठ है। बीएसपी अपनी पाई-पाई का हिसाब रखती है।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी आजाद भारत का काला अध्याय है। सैकड़ों लोगों की जान नोटबंदी के कारण चली गई। आम जनता अपना ही पैसा निकालने के लिए लाचार हो गई। नोटबंदी ईमानदार लोगों के लिए अभिशाप बन गई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले मोदी ने अपने दोस्तों का काला धन ठिकाने लगवा दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी सबसे विफल प्रधानमंत्री साबित हुए हैं। बीजेपी के लोग चंदे के नाम पर काला धन इकट्ïठा कर रहे हैं।

सीएम पहुंचे फिर पिता के घर, सुलह की चर्चा तेज

लखनऊ से दिल्ली तक आज भी जारी है यादव महासंग्राम

लखनऊ। यादव परिवार में चल रहा महासंग्राम आज भी जारी रहा। रामगोपाल यादव ने दिल्ली में निर्वाचन आयोग में कहा कि 90 प्रतिशत विधायक, सांसद और पार्टी के लोग अखिलेश यादव के साथ हैं। लिहाजा साइकिल चुनाव चिन्ह् उन्हीं को दिया जाना चाहिए। आजम खां ने भी दिल्ली जाकर नेता जी से मुलाकात की और कहा कि मुस्लिम समाज कभी नहीं चाहता कि समाजवादी पार्टी में विभाजन हो। यह घटनाक्रम चल ही रहा था कि सीएम अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव के घर पहुंचे। उनके पिता के घर पहुंचने से चर्चाएं तेज हो गईं कि अब पार्टी में फिर एक बार सुलह का रास्ता निकल सकता है।
सपा मुखिया ने भी तत्काल दिल्ली गये सभी नेताओं को अपने निवास पर वापस बुला लिया है। सीएम ने आज सुबह अपने घर पर अपनी कोर कमेटी के लोगों से मुलाकात की और उन्हें समझाया कि किसी भी कीमत पर नेताजी के सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। इस बीच नेताजी की 1 जनवरी को जारी दो चिट्ïिठयों में हस्ताक्षर अलग-अलग होने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सपा महासचिव किरनमय नंदा ने कहा कि कुछ लोग नेताजी के गलत हस्ताक्षर से फर्जी चिट्ïठी जारी कर रहे हैं। जाहिर है अभी यादव परिवार के संग्राम में कई मोड़ आने बाकी हैं।

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