माया के लिए अम्बेडकर सत्ता के साधन हमारे लिए श्रद्धापुंज: शिवपाल

काबीना मंत्री शिवपाल यादव ने दीपक मिश्र की पुस्तक ‘लोहिया अंबेडकर व समाजवाद’ का किया विमोचन

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी लेखक संघ के अध्यक्ष दीपक मिश्र की पुस्तक ‘लोहिया, अम्बेडकर व समाजवाद’ का आज लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने विमोचन किया। इस अवसर पर सपा प्रभारी व प्रमुख प्रवक्ता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बाबा साहब समाजवाद व सामाजिक समरसता के प्रबल पैरोकार थे। उनके दलितोत्थान कार्यक्रम को लोहिया जी ने विशेष अवसर के सिद्धांत में बदलकर समाजवादी विचारधारा और आन्दोलन से जोड़ा।
समाजवादी पार्टी के लिए बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर श्रद्धा और सीख के प्रतीक हैं, जबकि बाबा साहब के नाम का इस्तेमाल सुश्री मायावती केवल सत्ता में आने के लिए करती है। उन्होंने बाबा साहब के मिशन और विचारधारा को काफी नुकसान पहुंचाया है। जब उन्हें कोई जानता भी नहीं था तब नेता जी मुलायम सिंह यादव ने बाबा साहब के सम्मान में विधान सभा के सामने वाली सडक़ का नाम डॉ. भीमराव अम्बेडकर मार्ग रखा और बाबा साहब के विचारों के प्रचार प्रसार के लिए अम्बेडकर महासभा का नाम दिया था। अम्बेडकर के नाम पर पहली बड़ी योजना अम्बेडकर ग्राम विकास योजना 1991 में नेताजी ने शुरू की। जब बाबा साहब लोकसभा चुनाव लड़ रहे थे तब उनके साथ समाजवादी ही खड़े थे। लोहिया और अम्बेडकर के पत्र व्यवहार से पता चलता है कि दोनों महापुरुष एक-दूसरे का बहुत सम्मान करते थे। लोहिया जी के कहने पर ही मधु लिमए ने बाबा साहब पर प्रमाणिक पुस्तक लिखी थी। इसके नेपाली संस्करण का विमोचन मैंने किया। दीपक मिश्र को बधाई देते हुए शिवपाल ने कहा लोहिया और अम्बेडकर पर लिखी गई उनकी पुस्तक दोनों महापुरुषों की सदृश्यता दिखाता है।
इस अवसर पर दीपक मिश्र ने कहा कि जे. हेराल्ड़ लास्की, सिडऩी वेब जैसे यूरोप के महान समाजवादी चिन्तकों से वैचारिक रूप से अनुप्रेरित होकर बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर ने इंडिपेन्डेंट लेबर पार्टी बनाई थी। उन्होंने 1937 में महाराष्टï्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री से सिंचाई कर आधा करने की मांग की थी। साल 2012 में सपा की सरकार ने सिंचाई को नि:शुल्क कर बाबा साहब के उस कार्यक्रम को पूरा किया। लोहिया और अम्बेडकर के समाजवाद से ही इस देश सर्वग्राही विकास सम्भव है। पुस्तक विमोचन के मौके पर डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति समाजशास्त्री प्रो सत्यमित्र दूबे, लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ मनोज पांडेय, यश भारती मधुकर त्रिवेदी, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल भी मौजूद थे।

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