मातृत्व लाभ के प्रति उदासीन परिजनों के लिए आसान नहीं राह

  • खाता संख्या देने पर मिलेगा जन्म प्रमाण पत्र

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जननी सुरक्षा योजना के तहत मातृत्व लाभ के प्रति लोगों की उदासीनता अस्पताल प्रशासन के लिए समस्या का सबब बनता जा रहा है। मातृत्व लाभ में आये दिन धांधली की खबरों पर सरकार द्वारा लगातार पारदर्शिता लाने के चलते नियम कड़े किये गये।
जानकारों की मानें तो इन्ही नियमों के कारण लोगों में मातृत्व लाभ लेने के प्रति उदासीनता आ रही है। ताजा मामला डॉ. राममनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में सामने आया है। गुरूवार के दिन दो लोगों ने मातृत्व लाभ लेने से मना कर दिया। दोनो लोगों ने यह लाभ न लेने का मुख्य कारण मौके पर एकाउन्ट नम्बर का न होना बताया। बताते चले कि मातृत्व लाभ में आये दिन धांधली के चलते सरकार ने इसमें मिलने वाला पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रान्सफर करने का फैसला किया। लेकिन लोगों के सामने समस्या इस बात की खड़ी हो गयी कि बच्चे के जन्म के समय परिजनों के पास य तो खाता नहीं होता या फिर खाता नम्बर उपलब्ध नहीं होता है। ऐसे में पैसा लेने के लिए अस्पताल के चक्कर कौन काटे। लोगों में इस लाभ को लेने के प्रति उदासीनता न आये इसके लिए नये नियम बनाये हैं। जिसमें बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र तभी मिलेगा जब परिजन खाता संख्या अस्पताल प्रशासन को देंगे।

इस मामले की जानकारी मेरे पास आयी है। अक्सर परिजनों के पास उस समय खाता नम्बर की समस्या आती है। इसके लिए हमने नये नियम बना दिये है कि जिनके पास उस समय खाता नम्बर न हो तो बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र जब लेने आयें तब खाता नम्बर जरूर साथ लायें।
डॉ. ओंकार यादव
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
लोहिया अस्पताल।

क्या है नियम
मातृत्व लाभ के तहत मां तथा नवजात बच्चे को शहरी क्षेत्र मे 1000 रूपये तथा ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये दिये जाते है। इस लाभ के तहत मिलने वाला पैसा बच्चे के जन्म के बाद अस्पताल छुट्टी होते ही सीधे मां के खाते में ट्रान्सफर कर दिया जाता है।

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