महिलाओं की सुरक्षा हमारे लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता: अखिलेश

  • सांसद ङ्क्षडपल यादव ने कहा, महिलाओं को होना चाहिए आत्मनिर्भर
  • हिन्दुस्तान अखबार ने किया साहसी महिलाओं का सम्मान

ds1 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। हिन्दुस्तान अखबार के कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। महिलाओं के उत्थान के लिए सरकार ने कई योजनाए चलाई हैं और इनका बेहतर परिणाम भी आ रहा है। उन्होंने महिलाओं को समाज में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि महिलाओं के ताकतवर होने से समाज ताकतवर होता है।

सीएम ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर लाइन बनाई गई है जो बहुत अच्छा काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी पावर लाइन में तीन लाख महिलाओं की समस्या का समाधान किया गया। उन्होंने हिन्दुस्तान अखबार द्वारा ‘महिला सुरक्षा और सुरक्षा अभियान’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस अखबार ने जगह-जगह कैंप लगाकर महिलाओं को जागरूक करने का काम किया। जो बहुत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं के लिए बहुत सारी योजनाए संचालित कर रही है। दु:ख की बात यह है कि इस योजना का लाभ उतनी बड़ी संख्या में महिलाएं नहीं उठा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं को उन तक जरूर पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना, वृद्धा पेंशन योजना एवं विधवा पेंशन योजना का लाभ भी महिलाएं उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पेंशन योजना शुरू करने का उद्देश्य सिर्फ यही था कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उन्हें यह संदेश दिया जाए कि सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि महिलाएं इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में उठा रही हैं।

सीएम की सांसद पत्नी डिंपल यादव ने कहा कि सरकार महिला सशक्तीकरण पर बहुत अच्छा काम कर रही है। सरकार महिला शिक्षा को लगातार बढ़ा रही है। सरकार द्वारा संचालित बहुत सारी योजनाओं का लाभ उठाकर महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। श्रीमती यादव ने कहा कि महिलाओं के शिक्षित होने और साक्षर होने से पूरा परिवार मजबूत होता है। उन्होंने महिलाओं का आह्वïान किया कि वह समाज में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में शानदार प्रगति कर रही है ये देश के लिए बहुत अच्छा है।

कार्यक्रम में बोलते हुए काबीना मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने महिलाओं को मजबूत करने के लिए जो योजनाए चलाई हैं उसका अच्छा प्रभाव समाज में दिख रहा है। हिन्दुस्तान अखबार के संपादक के के उपाध्याय ने कहा कि हिन्दुस्तान अखबार की कोशिश थी कि प्रदेश भर में ऐसी महिलाओं को आगे लाएं जिन्होंने समाज में उल्लेखनीय कार्य किया हो। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी भी मौजूद थे।

लखनऊ सहित यूपी के 13 शहर बनेंगे स्मार्ट सिटी

  • परियोजना में चुने गए 98 शहरों में 24 राजधानियां

लखनऊ। देश के प्रमुख शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की परियोजना आज धरातल पर आ गई। केन्द्र सरकार ने आज 98 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की लिस्ट जारी की। इसमें 24 राजधानियां शामिल हैं। आज जारी की गई लिस्ट में यूपी सहित महाराष्टï्र के 10, तमिलनाडु के 12, मध्य प्रदेश के 7, गुजरात और कर्नाटक के 6-6 शहरों को स्मार्ट सिटी के लिए चुना गया है। स्मार्ट सिटी परियोजना में सबसे ज्यादा 13 शहरों को उत्तर प्रदेश से चुना गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित बरेली, इलाहाबाद, आगरा, झांसी, मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद, रामपुर, कानपुर, अलीगढ़, सहारनपुर, वाराणसी का चयन हुआ है। इस परियोजना के लिए 48 हजार करोड़ का बजट आंवटित किया गया है।

शहरी विकास मंत्रालय ने यह तय कर दिया है कि देश के किस राज्य से कितने शहर स्मार्ट सिटीज प्रोजेक्ट के लिए चुने जाएंगे। कुल मिलाकर देश भर में 100 स्मार्ट सिटीज विकसित करने की योजना है। 100 स्मार्ट सिटीज के अलावा देश भर से अब तक 476 शहरों की पहचान अमृत योजना के लिए की गई है। ये सारे शहर कम से कम एक लाख की आबादी वाले होंगे। इन शहरों को बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से मदद मिलेगी। स्मार्ट सिटी मिशन एक केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में संचालित किया जा रहा है और केंद्र सरकार द्वारा मिशन को पांच साल में 48,000 करोड़ रुपये, करीब प्रति वर्ष प्रति शहर 100 करोड़ रुपये औसत वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव है।

स्मार्ट सिटी की चुनौतियां
भारत के ऐसे शहरों जिनकी सही मैपिंग तक उपलब्ध नहीं, जिनमें अवैध कब्जों की भरमार हो, शहरों का बेतरतीब निर्माण हो चुका हो, ऐसे शहरों को स्मार्ट बनाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। भविष्य के शहर में बिजली के ग्रिड से लेकर सीवर पाइप, सडक़ें, कारें और इमारतें हर चीज़ एक एक नेटवर्क से जुड़ी होगी। इमारत अपने आप बिजली बंद करेगी, स्वचालित कारें खुद अपने लिए पार्किंग ढूंढेंगी और यहां तक कि कूड़ादान भी स्मार्ट होगा, लेकिन सवाल यह है कि हम इस स्मार्ट भविष्य में कैसे पहुंच सकते हैं? शहर में हर इमारत, बिजली के खंभे और पाइप पर लगे सेंसरों पर कौन निगरानी रखेगा और कौन उन्हें नियंत्रित करेगा।

Pin It