महंगाई की मार

लोकसभा चुनाव में sanjay sharma editor5प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से वादा किया था जल्द ही जनता को महंगाई से मुक्ति मिलेगी, पर महंगाई घटी तो नहीं बल्कि बढ़ गई। देश का विकास जरूरी है, पर जनता को दो जून का भोजन ठीक से न मिले तो इस विकास का कोई मतलब नहीं बनता।

केन्द्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक सभी विकास को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही हैं कि देश व प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है, पर हालात इसके इतर हैं। देश में महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है पर यह समस्या न तो केन्द्र सरकार को दिख रही है और न ही राज्य सरकार को। महंगाई की मार से लोग बेहाल हैं और सरकार मौन साधे हुए है। छह महीने में महंगाई चरम पर पहुंच गई है लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।
दाल से लेकर तेल तक की कीमतें दो गुनी हो गई हैं। प्याज की कीमत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। मध्यम वर्ग के लोग महंगाई की मार से आहत हैं तो गरीब की दयनीय स्थिति का अंदाजा लगाना कोई मुश्किल काम नहीं है। पहले उनकी रसोई में गाहे-बगाहे दाल बन भी जाती थी पर अब दाल की कीमत इतनी ज्यादा हो गई है कि वह खरीदने की हिम्मत नहीं कर सकते। प्याज की कीमत भी इतनी ज्यादा हो गई है कि उनके लिए रोटी के साथ प्याज खाना भी सपना हो गया है। सिर्फ दाल, तेल और प्याज की कीमत ही नहीं बढ़ी है, बल्कि सब्जी से लेकर खाद्य सामग्री तक सभी की कीमतें आसमान छू रही हैं।
पेट्रोल व डीजल की कीमतों में जरा सी भी कमी होती है तो नेता, मंत्रियों में इसका श्रेय लेने की होड़ मची रहती है लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता कि जब डीजल व पेट्रोल महंगा होता है तो ट्रांसपोर्टर माल ढुलाई का भाड़ा तो तुरंत बढ़ा देते हैं पर महंगाई घटने के बाद भाड़ा कम नहीं करते। इस समय पूरे देश में महंगाई की वजह से लोग परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के विधानसभा के मानसून सत्र में भी विपक्षी पार्टियों ने भी महंगाई का मुद्दा उठाया। महंगाई के मुद्दे पर अक्सर राज्य सरकारें महंगाई की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार के सिर पर डालकर अपना दामन बचाने का काम करती हैं, जबकि इसके लिए जिम्मेदारी राज्य व केन्द्र सरकार, दोनों की बनती है।
लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी ने जनता से वादा किया था जल्द ही जनता को महंगाई से मुक्ति मिलेगी, पर महंगाई घटी तो नहीं बल्कि बढ़ गई। देश का विकास जरूरी है, पर जनता को दो जून का भोजन ठीक से न मिले तो इस विकास का कोई मतलब नहीं बनता। सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए कि जनता को रोटी, कपड़ा और मकान दे, उसके बाद अन्य कार्यों पर ध्यान दे। जनता के हित में जरूरी है कि सरकार जल्द से जल्द महंगाई पर नियंत्रण कर जनता को राहत दे। नहीं तो गरीबों की हालत और बिगड़ जाएगी।

Pin It