मरीज की मौैत पर परिजनों का हंगामा

  • नर्स से अभद्रता पर नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने किया कार्यबहिष्कार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । राजधानी के बलरामपुर अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया है। साथ ही नर्स पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीट दिया है। दूसरी तरफ नर्स की पिटाई की सूचना मिलते ही अस्पताल के कर्मचारियों व नर्सों ने इमरजेन्सी से लेकर वार्डो तक कामकाज बंद कर दिया । सुबह चार बजे हुए हंगामे के बाद इमरजेन्सी सेवायें पूरी तरह से ठप हो गयी। हंगामे के बाद इमरजेन्सी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा है।
राजधानी के डालीगंज निवासी सूरजकला (55) को गम्भीर हालत में डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। वहां मौजूद चिकित्सकों ने मरीज की हालत नाजुक बता बलरामपुर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया, जिसके बाद परिजन मरीज को लेकर लगभग एक बजे रात को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेन्सी लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने मरीज की हालत नाजुक देख परिजनों से कागजी कार्रवाई पूरी कराने के बाद मरीज को भर्ती कर लिया। जहां इलाज के दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया। मरीज के लडक़े रमेश का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूदा नर्स ने मरीज की हालत गम्भीर होने के बाद भी दवा देने में लेटलतीफी करती रही, जिससे मरीज की जान चली गयी। रमेश का कहना है कि तीन घंटे बीत जाने के बाद भी मरीज की लाश ले जाने के लिए इधर से उधर दौड़ाया जा रहा था, जिस पर कागज लेने के चलते मरीज के परिजनों तथा नर्स की नोकझोक हो गयी। वहीं नर्स मोनिका त्रिवेदी का कहना है कि बॉडी ले जाने के बाद कुछ महिलायेें केबिन में आयीं और मुझे मारने लगीं। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर लेने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं नर्सेज एसोसिएशन ने मारपीट करने वाली महिलाओं को 24 घंटे में गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर कार्यबहिष्कार कारने की धमकी दी है।
चार घंटे बंद रहीं चिकित्सा सेवाएं
बलरामपुर अस्पताल में मरीज की मौत पर परिजनों के हंगामें के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों तथा नर्सों के कार्यबहिष्कार से चार घंटे तक चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं। इमरजेन्सी पहुंचे आधा दर्जन से ज्यादा मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। एक तरफ मरीज बिना इलाज लौट रहे थे। तो दूसरी तरफ नर्सें आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी थीं। पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने तथा अस्पताल प्रशासन के समझाने के बाद नर्से शांत हुयी, तब जाकर व्यवस्था पटरी पर लौटी।

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