‘मरीजों को इलाज न मिलने पर दोषी चिकित्सक होंगे दण्डित’

Captureप्रत्येक जिलाधिकारी माह में एक बार जिला अस्पतालों का निरीक्षण कर भेजें आख्या रिपोर्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों का निरीक्षण कर प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करायें कि प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही चिकित्सा सुविधायें आम नागरिकों को प्रत्येक दशा में प्राप्त हों। अस्पताल में मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा न मिलने पर सम्बन्धित चिकित्सकों को चिन्हित कर दण्डित किया जाये।
मुख्य सचिव आलोक रंजन शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य को जनपद गोरखपुर एवं सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग जनपदों में जाकर अस्पतालों का निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत करनी होगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारियों को निरीक्षण हेतु आवंटित जनपदों की सूची तत्काल उपलब्ध कराते हुए निरीक्षणोपरान्त निरीक्षण आख्या भी उपलब्ध करानी होगी। निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने एवं सफाई आदि की व्यवस्था को अवश्य संज्ञान में लिया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक जिलाधिकारियों को प्रत्येक माह में कम से कम एक बार अस्पताल का निरीक्षण कर निरीक्षण आख्या भेजनी होगी।
श्री रंजन ने जनपद आजमगढ़, गोण्डा, रायबरेली, सीतापुर एवं हरदोई के जिला चिकित्सालयों में पीडियाट्रिक आई.सी.यू. के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि चिन्हित हो जाने के फलस्वरूप निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविन्द कुमार, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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