मनोरंजन कर जमा नहीं कर रहीं डीटीएच कंपनियां

जिले में 6 एमएसओ पर 475 करोड़ रुपये का मनोरंजन कर बकाया
मनोरंजन कर विभाग का नोटिस भी बकायेदारों पर साबित हो रहा बेअसर

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिले में हर महीने उपभोक्ताओं से मनमानी कीमत वसूलने वाली 6 डीटीएच कंपनियों पर 475 करोड़ रुपये का मनोरंजन कर बकाया है। इसको वसूलना मनोरंजन कर विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आलम ये है कि मनोरंजन कर विभाग डीटीएच कंपनियों के पास दर्जनों नोटिस भेज चुका है। इसका रिमाइंडर भी करवा चुके हैं। इसके बावजूद भी मनोरंजन कर जमा नहीं हो रहा है। इसलिए मनोरंजन कर विभाग ने सभी बकायेदारों से मय व्याज के मनोरंजन कर वसूलने का निर्णय लिया है।
जिले में केबल उपभोक्ताओं की संख्या करीब पांच लाख है। इन सभी केबल उपभोक्ताओं से मनोरंजन सेवा प्रदान करने वाली डीटीएच कंपनियां मनमानी कीमत वसूलती है। इसमें डेन कंपनी अपने उपभोक्ताओं से हर महीने 200 रुपये मासिक शुल्क वसूलती है। जबकि टाटा स्काई, डिश टीवी, एयरटेल, रिलायंस, वीडियोकान और रिलायंस कंपनी अपने उपभोक्ताओं से अलग-अलग पैकेज के अनुसार सुविधा टैक्स वसूलती है। यदि उपभोक्ता केबल नेटवर्क का मासिक शुल्क जमा करने में विलंब करता है, तो उसके टेलीविजन पर केबल की सुविधा बंद कर दी जाती है। इसी प्रकार अन्य डीटीएच कंपनियों के उपभोक्ताओं के नंबर पर बैलेंस समाप्त होते ही टेलीविजन डब्बा बनकर रह जाता है। उपभोक्ता को डीटीएच सेवा का आनन्द लेने के लिए अपना नंबर रिचार्ज करवाना पड़ता है। तब जाकर टेलीविजन पर मनोरंजन सेवा शुरू हो पाती है।

कर जमा नहीं करने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
मनोरंजन कर उपायुक्त सीपी सिंह ने कहा कि मनोरंजन कर जमा नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। इनको सप्ताह भर के अंदर बकाया कर जमा करने का आदेश दिया गया है। इसमें कुछ डीटीएच कंपनियों ने हमसे संपर्क करके कुछ दिन का समय मांगा है, जिस पर विचार किया जा रहा है लेकिन विभाग की तरफ से निर्धारित समय सीमा के अंदर बकाया मनोरंजन कर जमा नहीं किया गया, तो सभी बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

गौरतलब हो कि देश में सभी टेलीविजन उपभोक्ताओं को डीटीएच लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जो भी उपभोक्ता अपनी मनपसंद के चैनल्स टेलीविजन पर देखना चाहते हैं, उनको हर महीने मासिक शुल्क देकर या पैकेज के अनुसार रिचार्ज करवाकर टेलीविजन पर मनोरंजन सेवा का लाभ दिया जा रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 1 जनवरी से सभी टेलीविजन उपभोक्ताओं के यहां डीटीएच लगे होने की जांच करवानी शुरू कर दी है। जिन लोगों के घरों में डीटीएच नहीं लगा है, उनकी सभी मनोरंजन सेवाएं बंद करने का आदेश दिया गया है लेकिन बिना डीटीएच वाले टेलीविजन उपभोक्ताओं की संख्या लाखों में है। इसलिए बिना डीटीएच वाले उपभोक्ताओं की मनोरंजन सेवाएं बंद करने के आदेश का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है लेकिन बहुत जल्द मनोरंजन कर विभाग नियम का कड़ाई से पालन करवाना शुरू कर देगा। इसके साथ ही केबल सुविधा उपलब्ध करवाने वाली डीटीएच कंपनियों से वसूले जाने वाले कर का प्रतिशत भी दोबारा निर्धारित करने की बात चल रही है। वर्तमान में मनोरंजन कर विभाग उपभोक्ताओं से वसूले जाने वाले शुल्क पर 25 प्रतिशत टैक्स वसूलता है। इसको अधिक बताकर डीटीएच कंपनियां टैक्स कम करने की बात कर रही हैं। हालांकि इस संबंध में कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं आया है।

डीटीएच कंपनियों पर 6 साल का मनोरंजन कर बकाया

जिले में मनोरंजन सेवा प्रदान करने वाली छह प्रमुख डीटीएच कंपनियों पर करोड़ो रुपये का मनोरंजन कर बकाया है। इसमें डिश टीवी, रिलायंस, एयरटेल, टाटा स्काई, सन डायरेक्ट और वीडियोकॉन शामिल हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो यह बकाया सितम्बर 2009 से अक्टूबर 2015 तक का है। इन कंपनियों पर कुल 475 करोड़ रुपये का मनोरंजन कर निर्धारित किया गया है, जिसमें टैक्स और ब्याज दोनों शामिल है। मनोरंजन कर उपायुक्त सी पी सिंह ने बताया कि जिले में सबसे अधिक मनोरंजन कर टाटा स्काई कंपनी पर बकाया है। जिसमें 96 करोड़ रुपये मनोरंजन कर और 55 करोड़ रुपये व्याज मिलाकर 151 करोड़ रुपये बकाया है। बकायेदारों में दूसरे नंबर पर एयरटेल कंपनी है, जिस पर 117 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमें 78 करोड़ रुपये मनोरंजन कर और 39 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। तीसरे नंबर पर डिश टीवी है, जिस पर कुल 95 करोड़ रुपये का मनोरंजन कर बकाया है। इसमें 60 करोड़ रुपये मनोरंजन कर और 35 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। चौथे नंबर पर वीडियोकॉन कंपनी है, जिस पर 60 करोड़ रुपये बाकी है। इसमें 42 करोड़ रुपये टैक्स और 18 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। इसी प्रकार पांचवें नंबर पर रिलायंस कंपनी है। इस कंपनी पर कुल 33 करोड़ रुपये मनोरंजन कर बाकी है, जिसमें 19 करोड़ रुपये मनोरंजन कर और 14 करोड़ रुपये ब्याज शामिल है। इसके अलावा सन टीवी पर कुल 19 करोड़ रुपये मनोरंजन कर बकाया है। इसमें 16 करोड़ रुपये मनोरंजन कर और तीन करोड़ रुपये ब्याज शामिल है।

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