मदिरा का अवैध कारोबार रोकने के लिये चलेगा चेङ्क्षकग अभियान

गृह विभाग में हुई लखनऊ परिक्षेत्र की समीक्षा बैठक
प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक को दिये गये निर्देश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन को देखते हुये मदिरा के अवैध कारोबार एवं मदिरा की तस्करी रोकने के लिये मजिस्ट्रेट, पुलिस, राजस्व कार्मिकों एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाकर सघन चेकिंग अभियान चलाये जाने के निर्देश दिये गये है। यह निर्देश प्रदेश के सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक को गृह विभाग द्वारा जारी किये गये है।
यह जानकारी आज कमाण्ड सेंटर एनेक्सी में लखनऊ परिक्षेत्र के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान प्रमुख सचिव, गृह देबाशीष पण्डा द्वारा दी गयी। प्रदेश में इस वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराये जाने हेतु लखनऊ परिक्षेत्र के जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अब तक की गई कार्यवाही एवं अपनायी गई रणनीति की इस बैठक में गहन समीक्षा की गयी। साथ ही आगामी त्यौहारों को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराये जाने हेतु आवश्यक निर्देश भी दिये गये।
प्रमुख सचिव, गृह देबाशीष पण्डा एवं पुलिस महानिदेशक, जगमोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में घटना रहित निष्पक्ष पंचायत चुनाव सम्पन्न कराना तथा इस दौरान आने वाले धार्मिक आयोजनों एवं त्यौहारों आदि को शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराना जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के लिये एक चुनौतीपूर्ण दायित्व है, जिसे उन्हें पूरी जिम्मेदारी व सजगता से सम्पन्न कराना होगा।
सभी संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थलों का वरिष्ठ अधिकारी पहले से ही भ्रमण कर शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करें। पुलिस को उपलब्ध कराये गये दंगा निरोधक उपकरण, वीडियो कैमरा आदि की क्रियाशीलता को पहले से ही परखने के निर्देश दिये गये है, ताकि आवश्यकता पडऩे पर उसका सही व समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक सभी ब्लाक व थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण पंचायत चुनाव कराये जाने के लिये हुई तैयारियों की मौके पर गहन समीक्षा करें। बैठक में यह भी निर्देश दिये गये कि अधीनस्थ कर्मियों विशेषकर निचले स्तर के कर्मियों को विशेषरूप से उनके दायित्वों के प्रति पहले से जरूरी ब्रीफिंग, ट्रेनिंग एवं संवेदित किया जाये। असामजिक एवं उपद्रवी तत्वों को पहले से चिन्हित कर उनके विरूद्ध कड़ी निरोधात्मक कार्यवाही किये जाने के भी निर्देश दिये गये है।

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