मथुरा कांड की सीबीआई जांच से सुप्रीम कोर्ट का इंकार

  • मथुरा हिंसा मामले में बीजेपी नेता अश्विनी ने दायर की थी याचिका 
  • बुधवार को हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका

7 JUNE PAGE114पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मथुरा में हुई हिंसा के मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट जाएं। सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या आपकी याचिका में ये कहा गया है कि राज्य सरकार का कोई भी ऐसा एक्शन है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने मथुरा में बीते 2 जून को जवाहर बाग में हुई हिंसा के मामले की जांच सीबीआई से कराने की जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी। आज सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि ये मामला राज्य का विषय है, केंद्र सरकार अपनी ओर से सीबीआई जांच के आदेश नहीं दे सकती। कोर्ट ने पूछा कि क्या राज्य का कोई ऐसा काम है, जिससे लोगों का भरोसा उठा हो? साथ ही कहा कि क्या राज्य सरकार की जांच में कोई कमी हुई है?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग कोई रुटीन मामला नहीं है और ना ही किसी भी याचिका पर सीबीआई जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा था कि रामवृक्ष यादव 2014 से पार्क में एक समानांतर सरकार चला रहा था, जिसमें उसकी खुद की सरकार और सेना थी। बिना सरकार के समर्थन के ऐसा संभव ही नहीं है। याचिका में मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कहा गया है कि रामवृक्ष यादव कई नेताओं और मंत्रियों के करीबी रहा है। हालांकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका वापस ले ली। उनका कहना है कि वो सीधे इलाहाबाद हाईकोर्ट जा रहे हैं और बुधवार को इसकी अर्जी दाखिल करेंगे।

क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि मथुरा के जवाहरबाग में दो जून को हुई हिंसा में 29 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। इसमें दो पुलिस अधिकारी भी शहीद हो गए थे। इस कांड का मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव भी पुलिस के साथ हुई गोलीबारी में मारा गया था। डीजीपी ने 5 मई को ट्वीट कर उसकी मौत की पुष्टि की थी। इसके बाद अब उसके गांव वालों ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है। इसके बाद मथुरा पुलिस ने रामवृक्ष यादव के साथ मारे गए 11 अन्य लोगों का सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया।

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