मंदिर निर्माण को मुद्दा बनाने पर तुली भाजपा

सुप्रीम कोर्ट में है राम मंदिर का मामला, फिर भी हो रही है सियासत

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी कहा कि दिसंबर से शुरु हो जाएगा मंदिर निर्माण
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी कई बार कर चुके हैं मंदिर निर्माण का ऐलान

F !4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लगता है कि बीजेपी यह भलीभांति समझ चुकी है कि उत्तर प्रदेश में चुनावी वैतरणी राम लला के भरोसे ही पार होगी, तभी पिछले दो माह से गाहे-बगाहे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को मुद्दा बनाया जा रहा है। पिछले दो माह में आरएसएस प्रमुख भी कई बार राम मंदिर के निर्माण का ऐलान कर चुके हैंं। इसके पहले अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए बीएचपी द्वारा मंगाए गए पत्थर को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जन में चर्चा हुई थी। कल सुब्रमण्यम स्वामी के मंदिर निर्माण के दावे ने ऐसी खबरों की पुष्टिï करने का काम किया है। इस मुद्दे पर मोदी की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तर प्रदेश में आगामी 2017 में होने वाले चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण को मुद्दा बनाने की तैयारी तेज हो गई है।
कल बीजेपी के वरिष्ठï नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आमसहमति से होगा और इस साल के आखिर तक मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाएगा. और 9 जनवरी को इसके लिए एक्शन प्लान का ऐलान किया जाएगा। हालांकि, स्वामी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मंदिर का निर्माण किसी आंदोलन के जरिए नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण का काम आम सहमति से होगा। अदालती आदेश और हिंदुओं व मुसलमानों की आपसी सहमति से यह काम किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि अगस्त-सितंबर तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाएगा। राजनैतिक पंडितों की माने तो इस तरह की बयानबाजी सिर्फ राजनीति चमकाने के लिए हो रही है। इधर के चुनावों में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है, इसलिए उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण को मुद्दा बनाना चाह रही है। मंदिर मामला सुप्रीम कोर्ट में है फिर इस तरह का बयान समझ से परे हैं।

अगस्त-सितंबर तक कोर्ट का फैसला आएगा। कोर्ट क्या फैसला देगी इसे कोई नहीं जानता। ऐसे में सुब्रमण्यम स्वामी का बयान समझ से परे है। जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसा बयान दिया जा रहा है।
-वैभव महेश्वरी, नेता, आप

उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले चुनाव को देखते हुए आरएसएस, बीजेपी, बीएचपी के लोग कुछ भी करा सकते हैं। राम मंदिर निर्माण के बहाने जनता को भ्रमित करने का काम हो रहा है।
-राम अचल राजभर नेता, बसपा

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन

नई दिल्ली। पीडीपी के संरक्षक मुफ्ती मोहम्मद सईद का गुरुवार को 79 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका एम्स में पिछले 14 दिनों से इलाज चल रहा था। 79 वर्षीय सईद को 24 दिसंबर 2015 को गर्दन में दर्द और बुखार के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। बीजेपी के साथ गठबंधन कर पिछले साल 1 मार्च को उन्होंने जम्मू-कश्मीर के 12वें मुख्यमंत्री का जिम्मा संभाला था। जम्मू-कश्मीर प्रदेश की सियासत के साथ ही सईद ने केंद्र की राजनीति में भी अहम जिम्मेदारी निभाई।
मुफ्ती मोहम्मद को मृदुभाषी और सौम्य राजनेता के रूप में देखा जाता था, लेकिन देश के पहले मुस्लिम गृह मंत्री की छवि को उस समय धक्का लगा, जब वीपी सिंह की अगुवाई वाली सरकार ने उनकी तीन बेटियों में से एक रूबिया की रिहाई के बदले में पांच लोगों को छोडऩे की आतंकवादियों की मांग के आगे घुटने टेक दिए थे। रूबिया की रिहाई के बदले में आतंकवादियों की रिहाई के संवेदनशील मामले का जम्मू-कश्मीर की राजनीति में दूरगामी प्रभाव पड़ा। दो दिसंबर 1989 को राष्टï्रीय मोर्चे की सरकार के गठन के पांच दिन के बाद ही रूबिया का अपहरण कर लिया गया था।

पीएम मोदी, गृह मंत्री ने एयरपोर्ट पर दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुफ्ती मोहम्मद सईद को श्रद्धांजलि देने पालम एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका पार्थिव शरीर था। पीएम के साथ गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान एयरपोर्ट पर पीडीपी के कई नेता भी मौजूद थे।

महबूबा मुफ्ती बन सकती हैं सीएम!
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का गुरुवार सुबह निधन हो जाने के बाद उनकी बेटी और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का अगला मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। मीडिया में आई कुछ रिपोर्टों के अनुसार, पीडीपी की सांसद महबूबा मुफ्ती की राज्य के मुख्यमंत्री पद पर ताजपोशी हो सकती है। महबूबा अगर मुख्यमंत्री बनती हैं तो राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री होंगी। सईद की भी इच्छा थी कि राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती बने। इससे पहले सईद की हालत में सुधार न होते देख बीजेपी सूत्रों ने भी संकेत दिया था कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के तौर पर सईद की बेटी महबूबा गठबंधन की पहली पसंद हो सकती है।

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