मंदबुद्घि बालिकाओं के लिए अलग शेल्टरहोम बनाने की जरूरत: डीएम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। जिलाधिकारी राजशेखर ने प्राग नारायण रोड स्थित राजकीय महिला शरणालय का निरीक्षण किया। उन्होंने शरणालय में रहने वाली सभी बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने के मकसद से दिलाये जा रहे प्रशिक्षण और खान -पान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके साथ ही शरणालय में कितनी बालिकाएं हैं। उनमें सामान्य और मंदबुद्धि बालिकाओं की संख्या कितनी है। इसकी भी जानकारी मालूम की है। जिलाधिकारी ने मंदबुद्धि बच्चियों के लिए अलग से शेल्टर होम बनाने की आवश्यकता बताई और इस संबंध में शासन स्तर को पत्र लिखने की बात कही है।
जिलाधिकारी के मुताबिक राजकीय महिला शरणालय में कुल 48 संवासिनी हैं। इसके अलावा आठ अन्य लोग हैं। इन सभी को स्वावलंबी बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है, उसका लाभ भी संवासिनियों को मिल रहा है लेकिन संवासिनियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने वाली संस्था पॉलिाटेक्निक की तरफ से प्रशिक्षण मिलने का सर्टिफिकेट नहीं मिला है। उसके लिए पॉलिटेक्निक के प्रिंसिपल से बात करके सर्टिफिकेट दिलवाने का निर्देश दिया गया है। यदि सर्टिफिकेट मिलता है, तो संवासी अपना रोजगार भी कर सकते हैं। इसके अलावा संवासिनियों की बेहतर काउंसिलिंग के लिए एक काउंसलर रखने और चिकित्सा सुविधा का प्रबंध करने का भी निर्देश दिया गया है।

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