भ्रष्ट गायत्री फिर बने मंत्री, हटाने को हाईकोर्ट में याचिका दायर

  • शपथ लेते ही चार बार सीएम के पैर छुए भ्रष्टाचार में घिरे मंत्री गायत्री प्रजापति ने
  • सीएम ने अपने करीबी यासिर शाह और अभिषेक मिश्रा को भी बनाया कैबिनेट मंत्री
  • नूतन ठाकुर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके गायत्री को मंत्री परिषद से बाहर करने की मांग
  • ब्राह्मïणों और मुसलमानों का खास ध्यान रखा गया मंत्रिमंडल विस्तार में
  • चुनाव से पहले सभी क्षेत्रों का संतुलन साधने की कवायद की समाजवादी पार्टी ने

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
2लखनऊ। चुनाव से चंद महीने पहले ही मंत्रिमंडल के विस्तार में जातीय संतुलन साधने और वोट बैंक को संभाल कर रखने की पूरी कवायद नजर आई। बसपा द्वारा ब्राह्मïणों पर डोरे डालने की कोशिशों को रोकने के लिए तीन ब्राह्मïणों को काबीना मंत्री बनाया गया तो मुस्लिमों को अपने साथ बनाए रखने के लिए तीन मुस्लिमों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। पिछड़ी जातियों को भी आगे बढ़ाया गया है। वहीं पप्पू निषाद को मंत्रिमंडल से बाहर किया गया है। गायत्री प्रजापति के मंत्री पद की शपथ लेने के कुछ समय बाद ही समाजसेवी नूतन ठाकुर ने उन्हें मंत्री पद से हटाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। माना जा रहा था कि इस पूरे मंत्रिमंडल में सिर्फ मुलायम सिंह की चलेगी मगर सीएम ने अपने करीबी यासिर शाह और अभिषेक मिश्रा का कद बढ़ाकर अपना दबदबा बनाए रखा है।

इन्होंने ली शपथ…

बलिया के सिकंदरपुर से विधायक जियाउद्दीन रिजवी।
बर्खास्त किए गए मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति।
रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज कुमार पांडे।
रानीगंज, प्रतापगढ़ से विधायक शिवाकांत ओझा।
पीलीभीत से विधायक हाजी रियाज अहमद।
मटेरा, बहराइच से विधायक यासिर शाह ।
काबीना मंत्री रविदास मेहरोत्रा।
लखनऊ से विधायक अभिषेक मिश्र।
महमूदाबाद से विधायक नरेंद्र वर्मा,
अंबेडकर नगर से विधायक  शंखलाल मांझी।

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