भ्रष्ट गायत्री को मंत्री बनाकर कैसे ईमानदारी के नाम पर वोट मांगेंगे सपा के नेता

  • एक सप्ताह पहले ही भ्रष्टाचार के कारण सीएम ने बर्खास्त किया था गायत्री को
  • 4पीएम ने बहुत पहले ही किया था खुलासा , गायत्री को महीनों पहले बर्खास्त करना चाहते थे सीएम, परिवार के कुछ लोगों ने बचाया
  • गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाला मामूली प्रापर्टी डीलर गायत्री कुछ सालों में बन गया हजारों करोड़ का मालिक

 संजय शर्मा
1लखनऊ। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव चुनाव से पहले विपक्ष को एक मजबूत हथियार देने जा रहे हैं। वह भ्रष्टïाचार के आरोप में बर्खास्त किए गए गायत्री प्रजापति को दुबारा मंत्री बनाना चाहते हैं।
गायत्री अखिलेश सरकार के सबसे बदनाम मंत्री हैं। कुछ साल पहले तक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले मामूली प्रापर्टी डीलर से मंत्री बनने तक का गायत्री का सफर किसी फिल्मी कथा से कम नहीं है। इनके भ्रष्टïाचार के कारनामें हाईकोर्ट तक पहुंचे, जिसके बाद न्यायालय ने सीबीआई जांच कराने के आदेश दे दिए। गायत्री अखिलेश मंत्रीमंडल के पहले सदस्य हैं, जिनके भ्रष्टïाचार की जांच सीबीआई कर रही है। जब सीएम ने गायत्री को बर्खास्त किया था, तब पूरे प्रदेश में सीएम के इस काम की बहुत सराहना हुई थी। माना गया था कि अखिलेश यादव का यह कदम भ्रष्टïाचार के खिलाफ एक शुरुआत है।
मगर इसके बाद गायत्री ने दिल्ली जाकर नेताजी के घर पर डेरा डाल दिया और गुहार लगाई कि उन्हें दुबारा मंत्री बना दिया जाय। कुछ दिनों बाद नेताजी भी मान गए और अपने सीएम बेटे से गायत्री को दुबारा मंत्री बनाने की बात कह डाली। नेताजी के इस कदम से पार्टी में निराशा का माहौल हो गया। पार्टी के बड़े नेताओं से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक गायत्री के भ्रष्टïाचार से दु:खी है। यह सभी मानते हैं कि गायत्री के कारण पार्टी की बहुत बदनामी हुई है। विपक्ष चाहता है कि गायत्री मंत्रिमंडल में शामिल हो जायें, जिससे वह यह साबित कर सके कि सपा भ्रष्टïाचार को बढ़ावा दे रही है। अमित शाह खुद गायत्री पर निशाना साध चुके हैं। जाहिर है कि गायत्री को मंत्रिमंडल में शामिल करने के बाद सपा के नेता जनता के बीच जाकर आराम से वोट मांग सकेंगे, इसकी संभावना कम ही लगती है।

सही से जांच हुई तो होगी जेल

सीबीआई ने जिस तेजी से खनन की जांच की है उससे साफ हो गया है कि गायत्री का अगला ठिकाना जेल होगा। गायत्री ने जिस तरह प्रदेश में अवैध खनन को बढ़ावा देकर हजारों करोड़ रुपए की कमाई की है, उससे साफ है कि गायत्री बहुत दिनों तक सीबीआई के पंजे से नहीं बच पायेंगे। अवैध खनन के कारण प्रदेश में कई हत्याएं भी हो चुकी हैं। गायत्री ने अपने परिवार के अलावा अपनी एक महिला मित्र के नाम पर भी करोड़ों की संपत्तियां बनाईं है। उनका नाम अवैध कब्जादारों की सूची में भी रहा है। गायत्री चाहते हैं कि ऐसे बुरे वक्त में समाजवादी पार्टी के मुखिया उन्हें अकेला न छोड़े और मंत्री बना दें।

“अगर सपा गायत्री को दुबारा मंत्री बनाती है तो यह बात साबित हो जायेगी कि पूरी सरकार भ्रष्टïाचार में लिप्त है। गायत्री के मंत्री बनने के बाद जल्दी ही सीबीआई खनन घोटाले में चार्जशीट दाखिल करेगी और उसके बाद गायत्री का जेल जाना तय है।” 
-आईपी सिंह, प्रवक्ता, भाजपा

“अगर गायत्री इतने ही अच्छे थे तो उनको मंत्री पद से क्यों हटाया और अब वापसी का आधार क्या है। जब एक मंत्री पर इतने गंभीर आरोप हों तो सबको जानने का हक है कि आखिर इतने भ्रष्टï मंत्री का सरकार में क्या काम।”
-अशोक सिंह, प्रवक्ता, कांगे्रस

“गायत्री को दोबारा मंत्री बनाकर सरकार यह तय कर देगी कि उसको दोबारा सत्ता में लौटने की कोई चाहत नहीं है। जिस खनन मंत्री के कारनामें प्रदेश की जनता की जुबान पर हो उसे दोबारा मंत्री बनाने की कल्पना ही भयानक है”।
-वैभव महेश्वरी, प्रवक्ता, आम आदमी पार्टी

“प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी की हकीकत अच्छी तरह जान चुकी है। जिस तरीके से भ्रष्ट मत्रियों को हटाने और दोबारा मंत्रिमण्डल में शामिल करने का काम किया जा रहा है, वह निश्चित तौर पर पार्टी की मानसिकता को उजागर करता है।”
-राम अचल राजभर, प्रदेश अध्यक्ष, बसपा

Pin It