भ्रष्ट कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव कृषि मंत्री पंडित सिंह को दिखा रहा ठेंगा

  • किसानों को ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर हुआ करोड़ों का घोटाला
  • कई घोटालों की फाइलों को शासन में दबा दिया गया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Capture2लखनऊ। कृषि विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि यहां भ्रष्ट अफसरों को किसी का भी खौफ नहीं रह गया है। अफसर बिना किसी डर दबाव के घोटालों को अंजाम देते हुए धन उगाही करते जा रहे हैं और उनकी जांच करने वाला कोई नहीं है। हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपी कृषि निदेशक और प्रबंध निदेशक बीज विकास निगम के खिलाफ दो राज्य मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है। कृषि राज्य मंत्री राजीव कुमार सिंह और राधे श्याम सिंह ने कृषि उत्पादन आयुक्त को पत्र लिखकर कृषि निदेशक द्वारा की जा रही तमाम अनियमितताओं की जांच कराकर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। राज्य मंत्रियों के इस एक्शन से जहां कृषि विभाग के कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं, वहीं अफसरों में हडक़ंप मच गया है।
6 जून 2016 को कृषि राज्य मंत्री राजीव कुमार सिंह ने कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार को पत्र लिखा कि बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक ऋषि राज सिंह व अपर निदेशक चावल, मुकेश श्रीवास्तव ने अपने पदों पर रहते हुए 59 करोड़ रुपए का घोटाला किया था। इस घोटाले को शासन में दबा दिया गया था। इसके बाद मुकेश श्रीवास्तव और ऋषि राज सिंह प्रोन्नत कर दिए गए। इस घोटाले में वर्तमान कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव और पूर्व कृषि निदेशक देवमित्र सिंह की बराबर भागीदारी है। इसकी जांच के साथ ही दोषी अफसरों को भी निलम्बित किया जाए। यह मामला संज्ञान में आने पर कृषि राज्य मंत्री राधे श्याम सिंह ने 30 मई 2016 को कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार को 4 बिन्दुओं पर जांच कराने के आदेश दिए। वित्त वर्ष 2010 से 2016 तक कृषि विभाग ने किसानों को ट्रेनिंग और अन्य फर्जी योजनाओं के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से कृषि वित्त आयोग को करोड़ों रुपए दिए गए। वर्ष 2012 से 2016 तक बीज विकास निगम ने किसानों को ट्रेनिंग के नाम पर गड़बड़ी करते हुए इंटरनेशनल ट्रेसिविलिटी सिस्टम लिमिटेड दिल्ली को करोड़ों रुपए दिए। वर्ष 2010 से 2016 तक किसानों को ट्रेनिंग और जैविक खेती के नाम पर करोड़ों रुपए दिए गए।

सूत्रों के अनुसार कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह का दो अन्य राज्य मंत्रियों राजीव कुमार सिंह और राधे श्याम सिंह से कुछ मुद्दों पर मतभेद है। इसी का फायदा कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव और एमडी ऋषि राज सिंह उठा रहे हैं और दोनों राज्य मंत्रियों की कृषि विभाग के ये आला अफसर कोई भी बात नहीं सुनते हैं। इन दोनों अफसरों के प्रभाव के चलते भ्रष्टाचार की अनगिनत शिकायतें और जांचें शासन में दबी पड़ी हैं। इसी टशन को लेकर दोनों राज्य मंत्रियों ने कृषि मंत्री पंडित सिंह के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलने की बजाय उनके वफादार अफसरों की शिकायत करके निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी वजह से कृषि विभाग में करोड़ो रुपये के घोटालों पर कैबिनेट और राज्य मंत्री कोई भी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं लेकिन कृषि विभाग में इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि मंत्रियों की आपसी उठापटक में भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों की कुर्सी बच जाएगी। इस पर कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें इस बात की अभी तक कोई जानकारी नहीं है कि राज्य मंत्रियों ने उनके खिलाफ शिकायत कर कृषि उत्पादन आयुक्त से जांच की मांग की है।

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