भुखमरी की कगार पर राशन कार्ड की फीडिंग करने वाले संविदाकर्मी

  • 22 कम्प्यूटर ऑपरेटर्स को सात महीने से नहीं मिली सैलरी
  • कंपनी की तरफ से दिया गया तीन महीने की सैलरी का चेक भी हुआ बाउंसCapture

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिले में राशन कार्ड धारकों से संबंधित डाटा फीड करने वाले कंप्यूटर आपरेटर्स भुखमरी की कगार पर हैं। इन कर्मचारियों को सात महीने से सैलरी नहीं मिली है। जिस संस्था के लिए कंप्यूटर आपरेटर काम करते हैं, उस संस्था ने अपने कार्यालय पर ताला जड़ दिया है। इसके साथ ही संस्था का ओनर फरार हो गया है। इसलिए कर्मचारियों ने राशन कार्डों की फीडिंग करने वाली संस्था से मिला चेक बाउंस होने की शिकायत अपर जिलाधिकारी आपूर्ति अनिल कुमार सिंह से की है। उन्होंने कंप्यूटर ऑपरेटर्स को दो दिन के अंदर मामले का कोई न कोई समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।
होली का त्यौहार नजदीक है। सोशल साइट्स और मोबाइल पर मैसेजों के माध्यम से होली की बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया है। होली की खरीदारी के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ और रौनक नजर आ रही है। लेकिन शहर में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनकी होली बदरंग रहने वाली है। इसमें राशन कार्ड की फीडिंग करने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर सात महीने से वेतन की आस लगाये बैठे हैं। चौक निवासी कंप्यूटर ऑपरेटर नदीम के मुताबिक आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड के लिए भरे गये आवेदन पत्रों से संबंधित डाटा फीड करने का ठेका हॉलिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। इस कंपनी ने सितंबर 2015 में 22 कम्प्यूटर ऑपरेटर्स की संविदा पर नियुक्ति की थी। कंप्यूटर ऑपरेटर्स को 7700 रुपये मासिक वेतन दिया जाना था। इसके अलावा आवेदन पत्रों की फीडिंग पर 5 रुपये प्रति फार्म का कमीशन मिलना भी तय किया गया था। लेकिन राशन कार्ड के आवेदन पत्रों की फीडिंग का ठेका लेने वाली कंपनी ने सभी ऑपरेटर्स को फरवरी में एक साथ तीन महीने की सैलरी का चेक दिया। जब कम्प्यूटर ऑपरेटर्स ने बैंक में चेक लगाया तो सबका चेक बाउंस हो गया। इस बात की शिकायत ठेका लेने वाली कंपनी के मालिक विक्रम श्रीवास्तव से की गई तो उसने सप्ताह भर में सबको सैलरी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद अचानक ही अपने कार्यालय में ताला लगाकर फरार हो गया। इस बात की जानकारी मिलते ही सभी कंप्यूटर ऑपरेटर्स बाउंस चेक लेकर अपर जिलाधिकारी आपूर्ति के पास पहुंचे। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेकर सभी कंप्यूटर ऑपरेटर्स को जिला पूर्ति अधिकारी के पास भेज दिया। कंप्यूटर ऑपरेटर्स ने करीब दो घंटे तक आपूर्ति विभाग कार्यालय के सामने धरना और प्रदर्शन किया। इसके साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी को अपना ज्ञापन सौंपकर फीडिंग करने वाली संस्था से भुगतान करवाने की अपील की है। मामले को गंभीरता से लेकर जिला पूर्ति अधिकारी ने इस पर कार्रवाई की बात कही है। वहीं फीडिंग करने वाली कंपनी ने जिस बिल्डिंग में ऑफिस खोला है, उसका 50 हजार रुपये से अधिक का किराया भी नहीं दिया है। ऐसे में कंपनी के खिलाफ मकान मालिक की तरफ से बहुत जल्द फ्रॉड का मामला भी दर्ज हो सकता है।
जिला पूर्ति अधिकारी चन्द्र शेखर ओझा का कहना है कि राशन कार्ड के लिए भरे गये आवेदन पत्रों की फीडिंग का ठेका हॉलिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया गया था। इसकी निर्धारित धनराशि का भुगतान संस्था को किया जा चुका है। इसलिए बकाया वेतन का मामला ठेका लेने वाली कंपनी के माध्यम से ही होगा। फिलहाल कंपनी के ओनर से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। उम्मीद है बहुत जल्द मामला सुलझा लिया जायेगा।

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