भारत-पाकिस्तान के बीच वार्ता से उम्मीद

भारत ने पाकिस्तान से हमेशा सकारात्मक बातचीत की पहल की है। पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत के लिए भारत ही sanjay sharma editor5हमेशा आगे बढ़ा है। पाकिस्तान तो हमेशा ही कोई न कोई विवाद खड़ा कर वार्ता पर संकट खड़ा करने का काम करता आया है।

पिछले कई महीनों से भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बाद आखिर भारत और पाकिस्तान के बीच डीजी स्तर की वार्ता शुरू हो ही गई। भारत और पाकिस्तान इस बात पर सहमत हो गए कि दोनों देश सीमा पर संघर्ष विराम की स्थिति बहाल करेंगे। इसके अलावा इस बात की भी जरूरत महसूस की गई कि तमाम विवादित मसलों को हल करने के लिए द्विपक्षीय वार्ता के दरवाजे खोलने चाहिए।
नई दिल्ली में गुरुवार से डीजीएमओ स्तर की बैठक शुरु हुई। यह बैठक तीन दिन तक चलेगी। पहले दिन की बैठक में भारत-पाकिस्तान के बीच सीज फायर को लेकर सहमति बनी। इधर कुछ महीनों से पाकिस्तान द्वारा लगातार सीज फायर का उल्लंघन किया गया। इसमें कई जवान शहीद हो गए। इस वार्ता में भारत की ओर से बीएसएफ के महानिदेशक डीके पाठक और पाकिस्तान की ओर से रेंजर के महानिदेशक मेजर जनरल उमर फारूक बुर्की नेतृत्व कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में संघर्ष विराम के उल्लंघन, तस्करी और घुसपैठ को लेकर और वृहद चर्चा होगी। इसके अलावा सीमा पर ड्रोन की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा की जा सकती है। इधर कुछ महीने से भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं। लगातार कोई न कोई समस्या लगी हुई है। यह वार्ता ऊफा में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच हुई मुलाकात के दौरान ही तय हो गई थी। हालांकि कांग्रेस ने इस वार्ता का विरोध किया था। यह वार्ता तीन दिन तक चलेगी।
इस बैठक में भारत 15 मुद्दे और पाकिस्तान 18 मुद्दों पर बात करेगा। भारत को इस वार्ता से बहुत उम्मीद है। वैसे भी भारत ने पाकिस्तान से हमेशा सकारात्मक बातचीत की पहल की है। पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत के लिए भारत ही हमेशा आगे बढ़ा है। पाकिस्तान तो हमेशा ही कोई न कोई विवाद खड़ा कर वार्ता पर संकट खड़ा करने का काम करता आया है। बीएसएफ के महानिदेशक डीके पाठक ने भी इस वार्ता को लेकर कहा था कि वह बातचीत को लेकर आशावान और सकारात्मक हैं। दोनों देशों के बीच ऐसी बैठक डेढ़ वर्ष से अधिक समय के अंतराल पर हो रही है। दोनों देशों के बीच सीमा बल स्तर की पिछली बैठक यूपीए सरकार के दौरान लाहौर में दिसंबर 2013 में हुई थी।
मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक दो बार भारत और पाकिस्तान के राष्टï्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच बातचीत की कोशिश हुई लेकिन पाकिस्तान के अडिय़ल रवैये की वजह से ऐन वक्त पर वार्ता रद्द करनी पड़ी। ऐसी स्थिति में डीजीएमओ स्तर की वार्ता से एक उम्मीद जगी है कि भारत और पाकिस्तान की सीमा पर व्याप्त तनाव में कुछ नरमी आएगी।

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