भारतीय रेल में सुधार की नयी बयार

sanjay sharma editor5रेलवे की यह पहल कितनी सार्थक होगी यह तो वक्त ही बताएगा। ऐसा नहीं है कि रेलवे की अव्यवस्था किसी से छिपी हो। जितनी समस्याओं के बारे में रेल मंत्रालय यात्रियों से फीडबैक की मांग की गई है, उन सारी सारी समस्याओं के बारे में प्रत्येक वर्ष समय-समय पर रेल विभाग को बताया जाता है।

भारतीय रेल अब यात्रियों का फीडबैक लेकर सुधार करेगी। इसके लिए आईवीआर पर आधारित फीडबैक इक_ïा करने का अभियान शुरू किया है। इसमें यात्री स्टेशन, प्लेटफार्म व रेलगाडिय़ों की स्वच्छता, खान-पान सर्विस की क्वालिटी, एसी कैपेसिटी, खाने की गुणवत्ता, रेलगाडिय़ों की समय पाबंदी और बिस्तरों की क्वॉलिटी सहित छह मुद्दों से संबंधित सवालों पर राय दे सकते हैं। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) को इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स (आईवीआर) प्रणाली के जरिए यात्रियों की राय संग्रह करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस योजना के तहत किसी-किसी यात्री के मोबाइल पर संपर्क भी किया जाएगा और विभिन्न सेवाओं के लिए रेटिंग देने के लिए आग्रह किया जाएगा। खराब या असंतोषजनक सेवा के लिए शून्य, संतोषजनक सेवा के लिए एक और अच्छी सेवा के लिए दो अंक देने के लिए कहा जाएगा।
रेलवे की यह पहल कितनी सार्थक होगी यह तो वक्त ही बताएगा। ऐसा नहीं है कि रेलवे की अव्यवस्था किसी से छिपी हो। जितनी समस्याओं के बारे में रेल मंत्रालय यात्रियों से फीडबैक की मांग की गई है, उन सारी सारी समस्याओं के बारे में प्रत्येक वर्ष समय-समय पर रेल विभाग को बताया जाता है। ऐसे तो समस्याओं का सुधार हो नहीं रहा है और अब फीडबैक लेकर कैसे सुधार किया जाएगा यह सोचनीय है। भारतीय रेल का विश्व में दूसरा स्थान है। प्रतिदिन करोड़ों की संख्या में लोग रेल से सफर करते है। बहुतों की रोजी-रोटी रेल पर ही निर्भर है। करोड़ों लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए है।
रेलवे पर यात्रियों का तो बोझ बढ़ रहा है पर सुविधा में बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। इतना ही नहीं किराए में भी बढ़ोत्तरी हो गई पर सुविधा में नहीं हुई। टे्रन में सबसे अच्छा कोच एसी का माना जाता है। वर्तमान में साफ-सफाई एसी कोच में भी ठीक देखने को नहीं मिल रही है। रेलवे के खाने की गड़बड़ी के बारे में बात करना बेमानी है। आए दिन यात्रियों की शिकायत मिलती है। रेल विभाग ने भी कई बार सख्ती दिखायी है पर पैन्ट्रीकार के लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। बार-बार चेतावनी के बावजूद फिर वही गलती दोहराई जाती है। यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है। इसके अलावा इस समय ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में देश की सबसे अच्छी और सुरक्षित ट्रेनों में लूटपाट की घटनाएं सामने आई है। इसलिए रेल विभाग को इस दिशा में भी सार्थक पहल करने की जरूरत है, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कहीं से ठीक नहीं है।

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