भड़ास के कार्यक्रम में दिल्ली में सम्मानित किए गए संजय शर्मा

  • भड़ास4  मीडिया के आठवें स्थापना दिवस समारोहके दौरान कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित किया गया था कार्यक्रम

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
21-sep-page11लखनऊ। भड़ास4 मीडिया के आठवें स्थापना दिवस पर कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 4पीएम के संपादक संजय शर्मा को सम्मानित किया गया। उनको संस्थान की तरफ से मोमेन्टो दिया गया। इस कार्यक्रम में मीडिया की मौजूदगी और उससे अपेक्षाओं पर अच्छी चर्चा भी हुई, जिसे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने काफी सराहा और वर्तमान समय के लिए काफी उपयोगी बताया है।
भड़ास ने पत्रकारिता छोडक़र उद्यमिता के क्षेत्र में खासा योगदान देने वाले 4पीएम वीकएंड टाइम्स नया लक्ष्य के संपादक को सम्मानित किया गया। ब्रॉडकास्ट एडीटर एसोसिएशन के महासचिव एनके सिंह और जाने माने पत्रकार ओम थानवी ने संजय शर्मा को सम्मानित किया। भड़ास के संस्थापक यशवंत सिंह ने कहा
कि जिस तरह जमी जमाई

इलेक्ट्रानिक मीडिया की नौकरी छोडक़र संजय शर्मा ने अपने दम पर अपना मीडिया संस्थान खड़ा किया, जिसमें आज लगभग सौ लोग काम करते हैं। वह किसी के लिए आदर्श बात हो सकती है। आज संजय शर्मा का अखबार लखनऊ में ब्रांड बन चुका है। और बड़े-बड़े अखबार और चैनल उनकी खबरों को कॉपी करते हैैं।

जनसत्ता के संपादक ओम थानवी ने पत्रकारिता की आजादी पर अपने विचार रखे और कहा कि आजादी लगातार कम हो रही है और बहुत कम हो गई है। उन्होंने कुछ उदाहरण दिए और यह तय करना श्रोताओं पर छोड़ दिया कि आजादी कितनी कम हुई है या है ही नहीं। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि पहले अखबार मालिकों का दूसरा धंधा नहीं होता था और अब दूसरे धंधे वालों के ही अखबार हैं। किसी का नाम लिए बगैर कहा कि संपादक अगर संपादन नहीं कर रहे हैं और उनका नाम संपादक के रूप में जा रहा है तो वे अपने नाम का उपयोग करने दे रहे हैं। और यह भी गलत है। ओम थानवी ने कहा कि रिलायंस जियो के विज्ञापन में प्रधानमंत्री की फोटो का उपयोग किया जाना गलत है पर पत्रकार का नाम संपादक के रूप में जाए और वह संपादक के अलावा दूसरे काम भी करे तो यह भी गलत है। पत्रकार एवं ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के महासचिव एनके सिंह ने मीडिया की स्थिति बताते हुए यह यकीन दिलाने की कोशिश की कि स्थिति उतनी बुरी नहीं है जितनी हम समझते हैं या बना दी गई है।
यशवंत की इन अनूठी विशेषताओं को देखकर ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के महासचिव एनके सिंह ने यशवंत का भी सम्मान किये जाने की बात कही और उन्हें भी सम्मानित किया।

पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल खत्म

  • अधिकारियों ने मांगों को पूरा करने का दिलाया भरोसा
  • सरकारी अस्पतालों में मरीजों की आज भी नहीं हुई जांच

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। आखिरकार पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारियों ने बुधवार दोपहर शीर्ष अधिकारियों के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली। गौरतलब है कि शासन ने एस्मा लगा कर हड़ताल पर रोक लगा दी थी, लेकिन कर्मचारी मांगों को लेकर अड़े थे। वहीं, आज भी सरकारी अस्पतालों में बुखार पीडि़त मरीजों की जांच नहीं हो सकी। वे इधर-उधर भटकते रहे।
इसके पूर्व प्रदेश के फार्मासिस्ट, लैब टैक्नीशियन, आपट्रोमेट्रिस्ट एवं फार्मासिस्ट महासंघ मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। सरकार ने मंगलवार को घोषित की गई अनिश्चितकालीन हड़ताल को रोकने के लिए देर रात एस्मा लगा दिया था। बावजूद हड़ताली कर्मी काम पर नहीं लौटे और गिरफ्तारी देने को तैयार हो गए। इस बीच दोपहर बारह बजे के करीब शासन स्तर के अधिकारियों से बातचीत और आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली गई।
उधर, डॉ. राममनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय से लेकर बलरामपुर अस्पताल तक में बुखार के मरीजों की जांच तक नहीं हो पायी है। अस्पतालों में सुबह जांच व दवा के लिए पहुंचे मरीज इधर-उधर भटकते रहे। हड़ताल वापस लिये जाने के चलते सरकारी अस्पतालों के वार्डो में भर्ती मरीजों ने राहत की संास ली है।

स्वामी का 5 लाख का दावा, जुटे पचास हजार

  • बसपा छोडक़र भाजपा में गए स्वामी प्रसाद मौर्या नहीं भर पाए आधा मैदान भी, किया था दावा माया की तरह पूरा भर देंगे मैदान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा छोडक़र भाजपा का दामन थामने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या का आज का दिन बहुत चुनौती भरा था। जिस रमाबाई अंबेडकर मैदान को पूरा खचाखच भरकर मायावती हमेशा वाहवाही लूटती रही हैं। स्वामी प्रसाद ने दावा किया था कि वह भी इस मैदान को पूरा भरके दिखा देंगे, मगर एक बजे तक मैदान में लगभग पचास हजार लोग ही आ पाये थे। भाजपा में केशव प्रसाद मौर्या और स्वामी प्रसाद मौर्या के बीच मौर्या वोटों को लेकर शीत युद्ध जारी है। बावजूद इसके केशव मौर्या आज मैदान में पहुंचे। खबर लिखे जाने तक बसपा का कोई बड़ा नेता पार्टी छोडक़र स्वामी प्रसाद मौर्या के साथ नहीं आया जैसा स्वामी ने दावा किया था, जाहिर है स्वामी के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं।

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