भटकने को मजबूर पॉलिटेक्निक छात्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पॉलीटेक्निक के छात्र अपनी समस्या लेकर कभी शिक्षा मंत्री के दरवाजे पर डेरा डाले है तो कभी मुख्यमंत्री से मिलने की जुगत में लगे है। हालांकि सीएम अखिलेश यादव ने छात्रों को आश्वासन दिया था कि जल्द ही उनकी मार्कशीट में सुधार किया जाएगा। लेकिन सीएम के आदेश के बाद भी मार्कशीट में सुधार नहीं हुआ। विवश होगर यूपी के तमाम जिलों से आए छात्र-छात्राओं ने प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा के आवास पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों की समस्या सुलझाने के बजाए नाराज होकर मंत्री के पीआरओ शिवधर ओझा ने इन सभी से अभद्र व्यवहार करते हुए मंत्री के सरकारी आवास से निकाल दिया।
बताते चले कि डेढ़ माह पहलें बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन ने पॉलीटेक्निक 2015 का नतीजा घोषित किया था। रिजल्ट में अनेक गड़बडिय़ा सामने आई। तब छात्रों ने कॉपी जांचने में हुई लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए बोर्ड के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस पर सीएम ने प्राविधिक शिक्षा मंत्री को कहा था कि कॉपियों की दोबारा जांच कराई जाए। इसके बाद भी अधिकतर स्टूडेंट्स के रिजल्ट ठीक नहीं हुए। छात्रों का कहना है कि हमें यहां के चक्कर लगाते हुए महीनों से उपर हो गया है लेकिन अब तक कोई सुधार नही किया गया है। छात्रों का आरोप है कि यहां उन लोगों की मार्कशीट में सुधार किया जा रहा है जिनका सोर्स है। हम लोगों से तो कोई सीधे मुंह बात ही नही करता है।
मंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रही राजकीय पालीटेक्निक आजमगढ़ से आयी छात्रा का कहना है कि हम लोग डेढ़ महीने से मंत्री और सचिव के यहां चक्कर काट रहे हैं। हर बार आश्वासन देकर भेज दिया जाता है। जब मंत्री से मिलने पहुंचे तो उन्होंने मिलने से मना कर दिया। इस पर जब छात्र-छात्राएं आवास में भूख हड़ताल पर बैठे तो शिवाकांत ओझा के पीआरओ शिवधर ने बदसलूकी करते हुए आवास में मौजूद गार्डों की सहायता से बाहर धकेल दिया और कहा भाग जाओ दोबारा आए तो ठीक नहीं होगा।
सचिव को लिखा जा चुका है लेटर, नहीं की अभद्रता
प्राविधिक शिक्षा मंत्री शिवाकांत ओझा के पीआरओ शिवधर ओझा का कहना है कि पॉलीटेक्निक परीक्षा के परिणामों की गड़बड़ी की जांच कराई जा रही है। सचिव को पत्र लिखकर छात्र-छात्राओं की परेशानी दूर करने के लिए कहा गया है। यहां प्रदर्शन करने वाले बच्चों के लिए भी सचिव को लिखा जा चुका है। इन बच्चों ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया होगा तो मार्कशीट के अंकों को सही करा दिया जाएगा। उन्होंने इससे इनकार किया कि स्टूडेंट्स से अभद्रता की गई। शिवधर ओझा के मुताबिक मंत्री से मिलने की जिद कर रहे थे। इसी वजह से बाहर जाने को कहा गया और सभी आराम से चले गए थे।

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