ब्रिक्स सम्मेलन आज से शुरू गोवा में पहुंचे कई देशों के मुखिया

  • औपचारिक भोज के साथ होगी शुरुआत, आतंक पर पाक को घेरेगा भारत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureपणजी। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज आज एक औपचारिक भोज के साथ होगा। सम्मेलन में सभी पांच सदस्य देशों के शीर्ष नेता शिकरत करेंगे। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत, पाकिस्तान को घेरेगा। साझा बयान में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का जिक्र होने की उम्मीद है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा के मुद्दों पर बात होनी हैं। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों की अलग रेटिंग एजेंसी बनाने पर भी चर्चा होगी। इस दौरान चीन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे तिब्बती लोगों को गोवा पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पांच देशों के समूह के इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नेता हिस्सा ले रहे हैं। साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा पहुंच चुके हैं। सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों के नेता ऐसी अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने पर चर्चा करेंगे जो हमारे लक्ष्यों की राह में बाधा पैदा करते हैं। मोदी ने कहा कि मैं इस बात को लेकर आशावान हूं कि सम्मेलन सहयोग को मजबूत करेगा और विकास, शांति, स्थिरता एवं सुधार को लेकर हमारा साझा एजेंडा पूरा करेगा। ब्रिक्स में शामिल पांचों देश दुनिया के 3.6 अरब लोगों की नुमाइंदगी करते हैं। इस मौके पर भारत के मशहूर कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की सदस्य देशों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी हो रही हैं। गोवा पहुंचने पर पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो चुकी है। इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है जबकि पिछले साल रूस ने की थी। इस साल ब्रिक्स को सशक्त बनाने की कई गतिविधियां हुईं। भारत सरकार ने समाज के कई पहलुओं को लेकर कई सारे आयोजन किए हैं। भारत चीन के साथ एनएसजी मुद्दे पर भी बातचीत कर सकता है।

 मोदी-पुतिन वार्ता शुरू, 18 समझौतों पर लगेगी मुहर

पणजी में हो रहे ब्रिक्स समिट के इतर इंडिया-रशिया एनुअल समिट हो रही है। पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हो चुकी है। इसमें आपसी संबंधों और तमाम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। रूस और भारत कुल 18 समझौतों पर दस्तखत कर सकते हैं। दोनों देश अपनी साझेदारी को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचाएंगे जो आने वाले वक्त में गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच 40 हजार करोड़ के रक्षा सौदे हो सकते हैं।

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