बॉयो मेडिकल वेस्ट से संक्रामक रोगों का बढ़ा खतरा

  • बिना रजिस्टर्ड अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग नहीं लगा पा रहा लगाम
  • प्रॉइवेट अस्पतालों की ओर से खुले में फेंका जा रहा है वेस्ट, जिम्मेदारों को नहीं है इसकी कोई फिक्र

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ता जा रहा है। इसका एक बड़ा कारण अस्पतालों से निकलने वाला बॉयो मेडिकल वेस्ट है। खासकर प्रॉइवेट अस्पतालों की ओर से नियमों को धता बताकर खुले में ही बॉयो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। जोकि लोगों की जान के लिए आफत बन रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

राजधानी में करीब चौदह सौ प्रॉइवेट अस्पताल चल रहे हैं लेकिन सीएमओ कार्यालय में 350 ही रजिस्टर्ड हैैं। हैरत की बात ये है कि जब स्वास्थ्य विभाग के पास राजधानी में चलने वाले अस्पतालों का सही आंकड़ा ही नहीं है। ऐसे में बिना रजिस्टर्ड अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाम लगाना कठिन है। राजधानी के सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले बॉयो मेडिकल वेस्ट का ठेका सिनर्जी कंपनी के पास है। जो रोजाना सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले बॉयो मेडिकल वेस्ट को निस्तारण के लिए ले जाती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बॉयो मेडिकल वेस्ट को लेकर सरकारी अस्पतालों को अलर्ट करता है। लेकिन प्रॉइवेट अस्पतालों की ओर से लगातार लापरवाही की जा रही है। बॉयो मेडिकल वेस्ट को खुले में डालने में सबसे ज्यादा प्रॉइवेट अस्पताल जिम्मेदार हैं। सरकारी अस्पतालों में संक्रामक रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से बॉयो मेडिकल वेस्ट को खुले में डालने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

दरअसल राजधानी के सरकारी अस्पताल बॉयो मेडिकल वेस्ट को लेकर पूरी तरह से जिममेदार हैं। इनकी ओर से पूरी जिम्मेदारी के साथ वेस्ट का निस्तारण कराया जा रहा है। केजीएमयू में तो इसके लिए बाकायदा प्लांट लगा हुआ है। इसके आलावा सीरिंज, रूई, पट्टïी के लिए पूरे विश्विद्यालय में अलग-अलग रंग के डिब्बे रखे हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक खुले में पड़े बॉयो मेडिकल वेस्ट वायु प्रदूषण के साथ-साथ ऐसे बड़े संक्रामक रोगों को जन्म देते हैं जो कि मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक हैं। करीब दस साल पहले बलरामपुर अस्पताल में लगे बॉयो मेडिकल वेस्ट प्लांट पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। क्योंकि यह प्लांट एक रिहायशी इलाके में स्थित था। तब से यह प्लांट कहीं शुरू नहीं हो पाया। तब से बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण को लेकर प्लांट को कहीं और शिफ्ट नहीं किया जा सका।

जिससे राजधानी में लापरवाही बदस्तूर रूप से जारी है। बायोमेडिकल वेस्ट से तमाम तरह की संक्रामक बीमारियां फैल रहीं हैं इसके अलावा यह वेस्ट हवा को भी प्रदूषित कर रहा है। ऐसे में इन अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में यह वेस्ट मानव जाति के लिये एक बड़ा संकट बन कर उभर जायेगा। इस पर रोक लगाने और कार्रवाई करने की जरूरत है।

इस मामले पर बात करने पर सीएमओ एसएनएस यादव ने कहा कि खुले में बायो मेडिकल वेस्ट फेंकने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। सरकारी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट रोजाना उठाया जाता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

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