बुरे फंसे आजम खां, सुप्रीम कोर्ट ने कहा किस हैसियत से दिया बुलंदशहर बलात्कार कांड में शर्मनाक बयान

  • बुलंदशहर के खौफनाक बलात्कार कांड के बाद आजम ने कहा था राजनैतिक साजिश है ये बलात्कार
  • देश भर में हुई थी आजम के बयान की निंदा
  • सुप्रीम कोर्ट ने आजम के बयान को लेकर यूपी सरकार को जारी किया नोटिस

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Capture5लखनऊ। बुलंदशहर रेप केस की सुनवाई के दौरान आज सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को फटकार लगाई है। इसके साथ ही बुलंदशहर मामले पर गलत बयानी करने पर नोटिस देकर कुछ सवालों के जवाब भी मांगे हैं।
सपा सरकार के मंत्री आजम खान ने बुलंदशहर में हुई गैंगरेप की घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया था। इसलिए आज कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और आजम खान को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने फली एस.नरीमन को कोर्ट का सलाहकार नियुक्त किया है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर चार सवालों के जवाब उत्तर प्रदेश सरकार से पूछे हैं, जिसमें पहला सवाल यह है कि क्या कोई संवैधानिक पद पर बैठा शख्स इस तरह का बयान दे सकता है, जिससे उसका कोई सरोकार नहीं है और जिससे पीडि़ता का व्यवस्था पर भरोसा कम हो और उसके मन में जांच को लेकर शंका पैदा हो। दूसरा सवाल क्या राज्य जो जनता का संरक्षक होता है, इस तरह के बयान देने की इजाजत दे सकता है, जिससे की निष्पक्ष जांच को लेकर संशय पैदा हो। तीसरा सवाल क्या इस तरह का बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंदर आता है। इसके अलावा चौथा सवाल क्या इस तरह का बयान जो अपने बचाव में न हो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है। सुप्रीम कोर्ट ने इन चारों सवालों के जवाब मांगे हैं।

सपा को कहा डूबता जहाज

दरअसल आजम खान अक्सर अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं। अपने बयानों की वजह से अक्सर सपा सरकार की मुश्किलें भी बढ़ाते रहे हैं। उन्होंने रामपुर में आशा कार्यकत्रियों के सम्मेलन के दौरान पार्टी छोडक़र जाने वाले नेताओं के सवाल पर कहा कि जो हमारे यहां से जा रहे हैं, वो इसलिए जा रहे हैं कि जब जहाज में छेद हो जाए और डूबना तय हो तो चूहे सबसे पहले भागते हैं। आजम ने कहा कि जिन लोगों को पार्टी से टिकट न मिलने का अंदेशा होगा, वो तो भागेंगे ही। अब आजम खान ने सपा को डूबता जहाज जान बूझकर कहा या फिर सवाल के जवाब में गलत जुमला चुन लिया, ये तो वे ही बेहतर जानते होंगे, लेकिन आजम खान जैसे सीनियर लीडर बेवजह अपनी जुबान से कोई बात नहीं कहते, यह भी जगजाहिर है।

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