बीबीएयू हॉस्टल में चल रही है मनमानी, इलाज कराने गए छात्रों पर लगाये गये कई आरोप

Captureबीबीएयू हॉस्टल में स्टूडेंट्स का जीना हुआ मुहाल
हॉस्टल में जारी है प्रोवोस्ट की मनमानी
होली पार्टी में डीजे बजाने पर दी गई नोटिस
पार्टी में ठंडाई पीने पर बिगड़ी थी छात्र की तबियत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला 18 मार्च को कुछ छात्रों को नोटिस देने और उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने से जुड़ा है। छात्रों की माने तो हॉस्टल में बनी ठंडाई पीने से अजय कुमार सिंह की तबियत बिगड़ गई थी। उसके साथी जब उसका इलाज कराकर वापस लौटे तो खरीखोटी सुनाते हुए उन्हें नोटिस थमा दी गयी। विश्वविद्यालय की इस कार्य प्रणाली से हॉस्टल के छात्रों में रोष है।
पिछले दिनों होली के मौके पर कनिष्क हॉस्टल में आयोजित डीजे पार्टी के बाद रात दो बजे के करीब कमरा नंबर 15 के छात्र अजय कुमार सिंह की तबीयत बिगड़ गई। उसकी गम्भीर हालत देखकर उसके साथियों ने उसे लोकबन्धु अस्पताल पहुंचाया। जब इलाज कराकर छात्र वापस आए तो विवि प्रशासन ने उन्हें दोषी बताया। विवि प्रशासन ने उन पर ही आरोप लगाते हुए कहां कि आप लोगों ने हॉस्टल में तेज आवाज में डीजे बजाया है। साथ ही रंगों में केमिकल व पार्टी में शराब और भांग का इस्तेमाल किया। इसके लिए आप पर कार्रवाई की जाएगी। यह कहते हुए उन छात्रों को भी नोटिस थमा दी गई है।

छात्रों ने बीबीएयू प्रशासन पर लगाया मनमानी का आरोप
छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विश्वविद्यालय से लेकर हॉस्टल तक में सभी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी बर्दाश्त करनी पड़ती है। यहां तक की अगर हम अपने साथियों के साथ एक जगह खड़े हो जाते हैं तो उसे भी अपराध घोषित कर दिया जाता है। कुछ विशेष हॉस्टलों में तो यदि चार छात्र एक साथ खड़े हो तो प्रॉक्टर प्रो कमल जायसवाल अपने दल के साथ पहुंच जाते हैं। वह छात्रों को खरीखोटी भी सुनाते हैं। हम लोग इस बारे में शिकायत करें भी तो किससे क्योंकि इसमें सभी की मिलीभगत है। आवाज उठाने पर हमारा रिजल्ट खराब करने की धमकी दी जाती है।
गौरतलब हैं कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बीबीएयू के जिम्मेदारों की कई हरकतें सामने आ चुकी हैं। जिसमें कुछ मामलों पर तो जांच की जा रही है। दूसरी तरफ कुछ मामले अभी भी जिम्मेदार मामले को मैनेज करने में जुटे हैं।

केस-1
कुछ समय पहले बीबीएयू की शोध छात्रा डॉ बेला तुर्के कौशल ने कुलपति पर गलत बयानी का आरोप लगाया था। छात्रा का कहना था कि उसके मामले में विश्वविद्यालय ने बोर्ड के सदस्यों एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग को भी झूठी जानकारी दी है। उनका एक लाख रुपये का भुगतान करना था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनका पैसा रोके रखा। वहीं छात्रा के चरित्र प्रमाण पत्र पर भी हस्ताक्षर करने में उसे परेशान किया गया। इसकी शिकायत छात्रा ने प्रधानमंत्री तक से की थी।

केस-2
होम साइंस की छात्राओं ने अपने विभागाध्यक्ष और डीन प्रो. सुनीता मिश्रा पर आरोप लगाया कि उनकी हर छह माह की प्रोग्रेस रिपोर्ट और पीएचडी पिछले पांच वर्षो में जमा नहीं की गई। इस मामले में विभागाध्यक्ष की मनमानी को कुलपति और प्रॉक्टर पर बढ़ावा देने का आरोप लगा। छात्राओं का यह भी आरोप था कि थिसिस जमा करने के लिए उनसे पैसों की मांग की जाती रही है।

क्या कहते हैं प्रॉक्टर
मामले को लेकर जब प्रॉक्टर कमल जायसवाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह छोटी-मोटी बाते तो होती ही रहती हैं। यह सब छापने के लिए नहीं होती। यह कहते हुए उन्होंने अपना पल्ला झाड़ लिया।

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