बीती रात से नर्सों ने शुरू किया काम, मरीजों को राहत

मांगें नहीं पूरी हुईं तो 15 मार्च से होगी पूर्णकालिक हड़ताल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में नर्सेज संघ की सातवें वेतन आयोग व अन्य मांगों को लेकर शुक्रवार को किया गया कार्यबहिष्कार पूरी तरह से सफल रहा। राजधानी के अस्पतालों की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी। रात में नर्सों के काम पर लौटने के बाद व्यवस्था पटरी पर आयी। नर्सेज फ्रंट के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि एक दिवसीय हड़ताल में इमरजेंसी सेवाएं बहाल रखी गयी थी। मांग पूरी न होने पर 15 मार्च से पूर्णकालिक हड़ताल की जाएगी। ये सिर्फ राजधानी में नहीं होगा बल्कि पूरे भारत में एक साथ होगा।
शुक्रवार को नर्सो के अवकाश पर जाने से एसजीपीजीआई ,केजीएमयू, बलरामपुर अस्पताल, लोहिया अस्पताल मे नर्सिंग सेवाएं ठप होने के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया। सबसे बुरी हालत वार्डो में भर्ती मरीजों की रही। इन्हें समय पर दवाएं और इंजेक्शन नहीं मिल पाया। एसजीपीजीआई और केजीएमयू में मरीज हलकान रहे। इन सभी जगहों पर ऑपरेशन टाल दिये गये। वहीं बलरामपुर अस्पताल, सिविल तथा लोहिया अस्पताल में नर्सो के अवकाश में जाने की सूचना पर पहले से ही तैयारी कर ली गयी थी। उसके बाद भी भर्ती मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी का सामना पीजीआई में महीनों की वेंटिग के बाद शुक्रवार को होने वाले ऑपरेशन टलने से मरीजों को हुई। इसके अलावा नये मरीजों का पंजीकरण भी नहीं किया गया। स्वास्थ्य विभाग के तमाम व्यवस्था के दावे धरे के धरे रह गये। केजीएमयू में अलग-अलग विभागों के वार्डों में सुबह से नर्सो ने काम-काज ठप करके मेनगेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। नर्सो की हड़ताल से किसी भी वार्ड में मरीजों को सुबह से दवाओं का वितरण, इंजेक्शन लगाने का काम नहीं हो पाया। सबसे ज्यादा परेशानी सर्जरी विभाग, बाल रोग विभाग आंकोलॉजी और क्वीनमेरी अस्पताल में रही। हालांकि केजीएमयू प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पैरामेडिकल स्टाफ व संविदा पर नर्सो की व्यवस्था की थी। वहीं सिविल अस्पताल तथा महानगर स्थित भऊराव देवरस अस्पताल में नर्सो ने अवकाश न लेकर मरीजों के इलाज को प्राथमिकता दी।

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