बीडीएस द्वितीय वर्ष में छात्र ले सकेंगे प्रवेश

केजीएमयू की बोर्ड ऑफ स्टडी की बैठक में हुआ निर्णय

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मेडिकल के छात्रों के लिए खुशखबरी है। ऐसे छात्र जिनका सपना केजीएमयू से बीडीएस का है उनके लिए अच्छी खबर है। केजीएमयू बीडीएस की रिक्त सीटों पर दूसरे वर्ष में निजी कॉलेजों के छात्रों को प्रवेश देगा।
केजीएमयू में डेंटल की बोर्ड ऑफ स्टडी की बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा बोर्ड ने मेडिसिन की ही तरह सीनियर रेजीडेंसी को भी एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। मालूम हो कि केजीएमयू में बीडीएस की 70 सीटें हैं जिनमें से 24 ही मेडीकोज अभी डेंटल की पढ़ाई कर रहे हैं। बाकी सीटे रिक्त पड़ी है। यही नहीं बीते तीन वर्षो में 210 सीटों के मुकाबले साठ छात्र-छात्रएं बीडीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। केजीएमयू में सीटे रिक्त पड़ी है और वहीं सैकड़ों छात्र एडमिशन के लिए परेशान रहते है। यूपी में मेडिकल के छात्रों में केजीएमयू का बहुत के्रज है। तमाम ऐसे छात्र जो केजीएमयू में पढ़ाई करना चाहते हैं महरूम रह जाते हैं वहीं संसाधनों का भी पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया का भी आदेश है कि खाली पड़ी सीटों पर एडमिशन किए जाएं। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव को जैसे ही शासन की हरी झंडी मिलेगी दूसरे वर्ष के लिए एडमिशन का रास्ता साफ हो जाएगा।

पूर्व सैनिकों को देना होगा पारिवारिक विवरण

लखनऊ। पूर्व सैनिकों को अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को सरकारी सुविधा का लाभ दिलाने के लिए सभी सर्विस डाक्यूमेंट जमा करने होंगे।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल (अ.प्रा.) शरद भट्ट ने बताया कि जिन पूर्व सैनिकों ने अपने सर्विस डाक्यूमेंट में पत्नी तथा पारिवार के अन्य सदस्यों का विवरण दर्ज नहीं कराया है, वे जल्द से जल्द सर्विस से जुड़े सारे कागजात जमा कर दें। ऐसा होने के बाद ही उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल पायेगा। यदि पेंशनर की मृत्यु हो जाती है, तो उसके बाद की प्रक्रिया भी आसान हो जायेगी। गौरतलब हो कि पूर्व सैनिकों की मौत होने के बाद पत्नी को पेंशन लेने के लिए लम्बी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यदि सैनिक कल्याण बोर्ड में पूर्व सैनिक अपनी सर्विस से जुड़े कागजात जमा कर देंगे तो परिजनों को लम्बी प्रक्रिया और आर्थिक संकट का सामना नहीं करना होगा। इसलिए सभी पूर्व सैनिकों को कागजात जमा करने संबंधी जानकारी दी गई है।

Pin It