बीजेपी को भारी पड़ा सीधे पंचायत चुनाव में उतरना

पंचायत चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी
सपा और बसपा खेमे में उत्साह, भारी संख्या में जीते प्रत्याशी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चल रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में हुए जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। चुनावी नतीजों से जहां सपा व बसपा खेमे में खुशी की लहर है वहीं भाजपा खेमे में निराशा बढ़ा दी है। पंचायत चुनाव में भाजपा का सीधे उतरना भारी पड़ा है। 2017 में विधान सभा चुनावों में अपनी स्थिति परखने के उद्देश्य से भाजपा ने चुनाव में सीधे उतरने का फैसला लिया था लेकिन पंचायत चुनाव के नतीजों और रूझानों ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
रविवार से जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव की मतगणना चल रही है। यह मतगणना आज भी जारी है। चुनावी नतीजों और रूझानों ने भाजपा खेमे की बेचैनी बढ़ा दी है। चुनावी नतीजों में सपा और बसपा का फिर परचम लहाराया है। लोकसभा चुनाव के बाद उत्साह में चल रही भाजपा को पंचायत चुनाव से बहुत उम्मीद थी। भाजपा इसे अपना विधानसभा चुनाव का ट्रायल भी मान रही थी। इस चुनाव की तैयारी में भाजपा के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर तो लगे ही थे भाजपा के वरिष्ठï नेता भी जायजा लेने से लेकर तैयारी के लिए समय-समय पर दिशा-निर्देश देते देखे गए थे। लेकिन चुनावी नतीजों से भाजपा के माथे पर चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं। पंचायत चुनाव के नतीजों में सपा और बसपा के आम प्रत्याशी विजयी हुए तो बड़े-बड़े दिग्गजों को मुंह की खानी पड़ी हैं। कई दिग्गजों के रिश्तेदार जो चुनाव में प्रत्याशी थे, हार गए हैं। इस चुनाव में कांग्रेस की भी बुरी स्थिति हैं। अमेठी में कांग्रेस ने एक भी सीट नहीं जीती। जिला पंचायत की 8 सीटों पर कांग्रेस हार गई। जब अमेठी में कांग्रेस की यह स्थिति है तो अन्य जिलों में क्या स्थिति होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता हैं।

Pin It