बीएचयू प्रोफेसर कौशल किशोर के बयान पर आइसा ने जताया विरोध

  • किशोर ने सेमिनार में जेएनयू मामले पर दी थी अपनी राय
  • आइसा की मांग विवि कुलपति और लोकप्रशासन विभाग आयोजन के लिए मंागें माफी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में सोमवार को लोक प्रशासनिक विभाग की ओर से आयोजित अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व्याख्यान का आयोजन मेंं बीएचयू के प्रोफेसर कौशल किशोर ने बयान पर आइसा ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। किशोर ने जेएनयू मामले पर अपनी राय रखी थी। जिसे लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंटस एसोसिएशन ने विरोध जताया है।
इस मामले में आईसा प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा शुक्ला का कहना है कि विवि के सौजन्य से बीते दिनों कार्यक्रम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर नहीं बल्कि अराजकता पर आधारित था। बीएचयू के राजनीति शास्त्र के विभागाध्यक्ष का बयान बेहद निंदनीय ही नहीं संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। यही नहीं जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित विवि के छात्रों शिक्षकों का भी अपमान है। जब इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हो ही रही है तो देशभक्ति के ठेकेदार अपनी ठेकेदारी करना बंद करें।
माखनलाल पत्रकारिता विवि में अयोग्य संघी कुलपति की नियुक्ति के विरोध में जब छात्र आंदोलन करते हैं, तब तो यह चुप रहते हैं । विवि की अयोग्य कुलपति की नियुक्ति से धूमिल छवि इनके लिए चिन्ता का विषय नहीं होती। इस आयोजन को पूरी तरह से संगठन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरूपयोग बताया। आइसा संगठन ने कहा कि विवि के कुलपति विवि को भाजपा-संघ के भगवाकरण की पाठशाला बनाना बंद करे यह पूरी तरीके से भाजपा प्रायोजित कार्यक्रम था। छात्रों और जनता के पैसों को अपने राजनीतिक स्वार्थ और चाटुकारिता के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। विवि एक शिक्षा का मंदिर होता है। इसका भगवाकरण करके इस मंदिर का अपमान न करें। विवि प्रशासन और लोक प्रशासन विभाग माफी मांगे मुख्यमंत्री महोदय को भी विवि के भगवाकरण करने के मामलें हस्तक्षेप करना चाहिये। यदि ऐसी ही स्थिति बनी रही तो हम आंदोलन करेंगे।

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